दो महीने से वेतन, तीन महीने से पीएफ नहीं मिलने पर जिला अस्पताल के 100 ठेका कर्मचारियों की हड़ताल
सफाईकर्मी, सुरक्षा गार्ड, वार्ड बॉय और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने काम बंद कर सौंपा छह सूत्रीय ज्ञापन, अस्पताल की सफाई व्यवस्था प्रभावित

सिंगरौली। जिला चिकित्सालय ट्रॉमा सेंटर वैढ़न में कार्यरत सीईडीएमएपी (CEDMAP) से जुड़े करीब 100 ठेका कर्मचारियों ने दो महीने से वेतन और तीन महीने से पीएफ की राशि जमा नहीं होने के विरोध में गुरुवार को काम बंद कर दिया। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते 200 बेड वाले अस्पताल की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई। सफाईकर्मियों के साथ सुरक्षा गार्ड, वार्ड बॉय और कंप्यूटर ऑपरेटरों के काम से दूर रहने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हड़ताल पर गए कर्मचारियों का कहना है कि वे अस्पताल में नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन समय पर वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन को छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर लंबित भुगतान जल्द कराने की मांग की है।
छह सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पिछले दो महीने का बकाया वेतन तत्काल दिलाना, पिछले तीन महीने की पीएफ राशि की जांच कर कर्मचारियों के खातों में जमा कराना और एरियर सहित अन्य लंबित भुगतान करना शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों ने पद के अनुरूप निर्धारित मानदेय दिलाने की मांग की है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें तय मानदेय से कम भुगतान किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने भविष्य में प्रत्येक महीने निर्धारित समय पर वेतन भुगतान की स्थायी व्यवस्था करने की भी मांग रखी है, ताकि उन्हें बार-बार भुगतान के लिए आंदोलन या अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें। ज्ञापन में कर्मचारियों ने अपनी अन्य लंबित समस्याओं के निराकरण की भी मांग की है।
वेतन नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल
प्रदर्शन कर रहे सिक्योरिटी गार्ड उपेंद्र कुमार ने बताया कि कर्मचारी अस्पताल में अपनी जिम्मेदारियों का लगातार निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद दो महीने से वेतन नहीं मिलने से परिवार के रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में परेशानी हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि पीएफ की राशि भी नियमित रूप से जमा नहीं होने से उनके भविष्य की बचत को लेकर चिंता बनी हुई है।कर्मचारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को परेशान करना नहीं है। वे अपनी आर्थिक समस्याओं और लंबित भुगतान की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। कर्मचारियों ने मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं होने पर शुक्रवार से पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से काम बंद रखने की चेतावनी भी दी है।
सफाई और अन्य सेवाओं पर पड़ा असर
अस्पताल में सफाई व्यवस्था, सुरक्षा, वार्ड से जुड़ी सेवाओं और कंप्यूटर संचालन जैसे कार्यों से जुड़े कर्मचारियों के काम से दूर रहने के कारण अस्पताल की नियमित व्यवस्थाओं पर असर पड़ा। बड़ी संख्या में मरीजों की आवाजाही वाले जिला अस्पताल में सफाईकर्मियों की अनुपस्थिति का सीधा प्रभाव परिसर और वार्डों की व्यवस्था पर देखने को मिला।कर्मचारियों का कहना है कि अस्पताल जैसी आवश्यक सेवा में काम करने के बावजूद समय पर पारिश्रमिक नहीं मिलना गंभीर समस्या है। उन्होंने प्रशासन से मामले में संबंधित ठेका कंपनी और भुगतान प्रक्रिया की जांच कर जल्द बकाया राशि दिलाने की मांग की है।
भोपाल स्तर से होता है भुगतान : सीईडीएमएपी
मामले में सीईडीएमएपी के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों के भुगतान का अधिकार उनके पास नहीं है। उन्होंने कहा कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया भोपाल स्तर से होती है। उनके अनुसार, कर्मचारियों के भुगतान की जिम्मेदारी सुरभि नामक ठेका कंपनी की है।उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की समस्या से भोपाल कार्यालय को अवगत करा दिया गया है और जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, कर्मचारियों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन को सिंगरौली के ज्वाइंट कलेक्टर अमित सिंह ने भी संज्ञान में लिया है। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों पर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया है।
फिलहाल कर्मचारियों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक बकाया वेतन और पीएफ से जुड़ी समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रह सकता है।













