देवसर में जिला पंचायत सीईओ का सघन निरीक्षण
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखी, स्कूल में अनुपस्थित मिले प्राचार्य व अतिथि शिक्षक; लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

सिंगरौली। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत संघ प्रिय ने विकासखंड देवसर के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर निर्माण कार्यों, शिक्षा व्यवस्था, आजीविका गतिविधियों, गौशाला और पंचायत स्तर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान कन्या शिक्षा परिषद बरगवां में भोजन व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत मिलने पर प्राचार्य के विरुद्ध वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने तथा अन्य जिम्मेदार के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम ओरगड़ी में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन और पंचायत भवन का निरीक्षण करते हुए सीईओ ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता परखी। उन्होंने संबंधित एसडीओ से कार्य की गुणवत्ता और स्थल चयन की जानकारी ली। पंचायत स्तर पर संचालित सभी निर्माण कार्यों में लागत एवं कार्य से संबंधित जानकारी दर्शाने वाले साइन बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए।
ग्राम खेखड़ा में आजीविका मिशन से संचालित गौशाला का निरीक्षण कर दुर्गा स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया गया। गौशाला की गतिविधियों, आय-रोजगार तथा मच्छरदानी निर्माण और टेंट हाउस जैसी गतिविधियों की जानकारी लेकर महिलाओं को इन्हें बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बेटहडांड के आंगनबाड़ी केंद्र और हाई स्कूल के निरीक्षण के दौरान प्राचार्य रामनाथ पनिका और अतिथि शिक्षक धनंजय कुमार वैश्य अनुपस्थित मिले। दोनों के खिलाफ कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मध्यान्ह भोजन में निर्धारित मेनू का पालन नहीं होने पर जानकी स्व-सहायता समूह बाघाडीह को नोटिस जारी करने को कहा गया। शिक्षकों को विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायत देवरा में मुर्गी पालन गतिविधि और पंचायत की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। साफ-सफाई एवं पूर्व निर्देशों का पालन संतोषजनक मिलने पर अधिकारियों की सराहना की गई।
जनपद पंचायत देवसर में बैठक के दौरान आवास योजना, वीबी-जी राम जी योजना, कर-जलकर, स्वच्छता कर और संपत्ति कर वसूली सहित योजनाओं की समीक्षा की गई। कम प्रगति वाली पंचायतों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस और एक इंक्रीमेंट रोकने तथा रोजगार सहायकों का सात दिवस का वेतन ‘नो वर्क, नो पे’ के आधार पर काटने के निर्देश दिए गए। सीईओ ने पंचायत भवनों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, बैठक व्यवस्था और रंग-रोगन सुनिश्चित करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के निर्देश दिए।













