बारिश से मोरवा के वार्डों में जलभराव, पार्षद शेखर सिंह ने मौके पर पहुंचकर शुरू कराई पानी निकासी
वार्ड 1 के कई घरों में घुसा पानी, सुबह 4 बजे लोगों ने किया संपर्क, जेसीबी से नाली खुलवाकर शुरू कराया गया काम

सिंगरौली- लगातार हो रही बारिश के चलते नगर निगम क्षेत्र मोरवा के कई वार्डों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सोमवार को वार्ड क्रमांक-1 और 9 में हालात ज्यादा खराब रहे। वार्ड क्रमांक-1 के चंद्रपुर क्षेत्र में पानी घरों में घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। समस्या से परेशान स्थानीय लोगों ने तड़के करीब 4 बजे वार्ड क्रमांक-9 के पार्षद शेखर सिंह से फोन पर संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद शेखर सिंह सुबह करीब 6:30 बजे वार्ड क्रमांक-1 के चंद्रपुर पहुंचे और मौके पर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से समस्या की जानकारी लेने के बाद तत्काल नगर निगम के अधिकारियों से फोन पर चर्चा की। इसके बाद जेसीबी बुलाकर पानी की निकासी के लिए रास्ता खुलवाने का काम शुरू कराया गया।
वार्ड 9 में मलबा नालियों में डालने से बढ़ी समस्या
पार्षद शेखर सिंह ने बताया कि वार्ड क्रमांक-9 में भी जलभराव की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि एनसीएल विस्थापन के चलते कई लोग अपने मकान तोड़ रहे हैं। मकानों से निकलने वाला मलबा ठेकेदारों द्वारा नालियों में डाल दिया जा रहा है। इससे नालियां जाम हो रही हैं और बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है। नतीजतन कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन रही है।
स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी
वार्ड क्रमांक-1 के लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में जल निकासी सहित अन्य मूलभूत समस्याओं को लेकर लंबे समय से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है और लोगों को घरों में पानी घुसने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय रहते नालियों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई कराई जाए तो ऐसी स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है।
11 वार्डों में समस्याओं पर उठे सवाल
मोरवा के 11 वार्डों में सड़क, नाली, बिजली और पानी सहित मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एनसीएल विस्थापन के कारण क्षेत्र की परिस्थितियां और जटिल हो गई हैं। इसके बावजूद नगर निगम स्तर से इन वार्डों की समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसका सीधा असर आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।













