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NCERT की नई टीम में RSS से जुड़े नाम, 11वीं-12वीं की राजनीति विज्ञान की किताबें फिर होंगी तैयार

भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक जुड़ाव और समावेशन पर जोर; 11वीं की किताब नवंबर 2026 और 12वीं की जुलाई 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 11वीं और 12वीं की राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों को नए सिरे से तैयार करने के लिए टेक्स्टबुक डेवलपमेंट टीम का पुनर्गठन किया है। नई टीम में विभिन्न विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। टीम को पाठ्यपुस्तकों में भारतीय सांस्कृतिक जुड़ाव, भारतीय ज्ञान परंपरा, समावेशन और बहुविषयक दृष्टिकोण को स्थान देने की जिम्मेदारी दी गई है।

नई टीम में शामिल कुछ सदस्यों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) या उससे जुड़े संगठनों से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संबंध होने की जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में सामने आती रही है। इसे लेकर शिक्षा जगत में चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि टीम में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), दिल्ली विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) सहित कई प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

संदीप शास्त्री करेंगे टीम का नेतृत्व

नई टीम का नेतृत्व शिक्षाविद और राजनीतिक विश्लेषक संदीप शास्त्री करेंगे। वे कर्नाटक स्थित निट्टे विश्वविद्यालय में उपाध्यक्ष हैं। टीम में JNU की प्रोफेसर वंदना मिश्रा, एसोसिएट प्रोफेसर रवि रामचंद्र शुक्ला सहित विभिन्न संस्थानों से जुड़े शिक्षाविद शामिल हैं।

टीम में यदुनाथ देशपांडे का नाम भी शामिल है। सार्वजनिक रिकॉर्ड के अनुसार उनका अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से संगठनात्मक जुड़ाव रहा है। वर्तमान में वे शिक्षा मंत्रालय में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्यरत बताए गए हैं।

कई सदस्यों के वैचारिक जुड़ाव पर चर्चा

टीम के सदस्य प्रशांत दिवेकर का पुणे स्थित ज्ञान प्रबोधिनी से जुड़ाव बताया गया है। इसी तरह वंदना मिश्रा के बारे में उपलब्ध जानकारी में उन्हें ABVP की पूर्व राष्ट्रीय सचिव बताया गया है। रवि रामचंद्र शुक्ला का नाम भी ऐसे अकादमिक कार्यों से जुड़ा रहा है, जिनमें सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राष्ट्रवाद जैसे विषय शामिल हैं।

हालांकि नई टीम में केवल वैचारिक पृष्ठभूमि से जुड़े सदस्य ही नहीं हैं, बल्कि विभिन्न विश्वविद्यालयों और विधि संस्थानों के विशेषज्ञ भी शामिल किए गए हैं। इनमें प्रकाश कंडपाल, निधि गुप्ता, चेतन सिंघई, सुकांशिका वात्स, सतीश कुमार, देवांशु श्रीवास्तव, प्रणव गुप्ता, नंदा किशोर और स्वप्ना प्रभु सहित कई नाम शामिल हैं।

भारतीय ज्ञान प्रणाली और बहुभाषी दृष्टिकोण पर जोर

NCERT की अधिसूचना के अनुसार पाठ्यपुस्तक विकास के दौरान सामाजिक विज्ञान, भाषाओं, भारतीय ज्ञान प्रणाली, पर्यावरण शिक्षा, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति और शिक्षण-अधिगम सामग्री से जुड़े पाठ्यचर्या समूहों से मार्गदर्शन लिया जाएगा। अन्य पाठ्यचर्या समूहों के साथ भी समन्वय किया जाएगा, ताकि अलग-अलग कक्षाओं और विषयों में निरंतरता बनी रहे।

नई पुस्तकों में बहुभाषी दृष्टिकोण को भी शामिल करने की योजना है। पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा सांस्कृतिक जुड़ाव, भारतीय ज्ञान प्रणाली, समावेशन, शैक्षणिक तकनीक और मूल्यांकन जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर की जाएगी।

नवंबर तक 11वीं की किताब तैयार करने का लक्ष्य

NCERT ने दोनों पुस्तकों के लिए समयसीमा भी निर्धारित की है। कक्षा 11वीं की राजनीति विज्ञान की नई पाठ्यपुस्तक नवंबर 2026 तक विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि कक्षा 12वीं की किताब जुलाई 2027 तक तैयार की जानी है।

राजनीति विज्ञान की किताबों में संविधान, लोकतंत्र, राजनीतिक संस्थाओं, नागरिक अधिकारों, शासन व्यवस्था और भारत की राजनीतिक प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होते हैं। ऐसे में नई पाठ्यपुस्तकों में भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक दृष्टिकोण को किस रूप में शामिल किया जाता है तथा अकादमिक संतुलन किस तरह कायम रखा जाता है, इस पर शिक्षा जगत की नजर रहेगी। अंतिम पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन से पहले सामग्री की समीक्षा, तथ्य-जांच और शैक्षणिक उपयुक्तता भी महत्वपूर्ण चरण होंगे।

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