छात्रसंघ चुनाव की मांग पर DAVV में हंगामा, मेनगेट तोड़ने पर शिकायत

इंदौर। छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर बुधवार को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। साइकिल यात्रा के रूप में विश्वविद्यालय पहुंचे विद्यार्थियों ने मुख्य गेट के बाहर नारेबाजी करते हुए जल्द चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग की। इसी दौरान धक्का-मुक्की के बीच मुख्य प्रवेश द्वार का चैनल गेट क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर सितंबर में प्रक्रिया शुरू होने की चर्चा है, लेकिन शासन की ओर से अब तक कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुआ है। विद्यार्थियों का तर्क है कि विश्वविद्यालय में छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए निर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों की जरूरत है। इसी मांग को लेकर राजेंद्र नगर स्थित एक निजी कॉलेज से छात्रों ने साइकिल यात्रा शुरू की और आरएनटी मार्ग स्थित विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे।
विश्वविद्यालय पहुंचने के बाद छात्रों ने मुख्य गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। छात्रों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखना चाहते हैं। इसी दौरान मुख्य गेट बंद होने को लेकर छात्रों और कर्मचारियों के बीच बहस शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ छात्र गेट खोलने की मांग करते हुए आगे बढ़े। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई और मुख्य गेट का चैनल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी परिसर में प्रवेश कर कुलगुरु कार्यालय की ओर बढ़े। कर्मचारियों ने इसका विरोध किया और छात्रों से व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव की तारीख तय करने का अधिकार शासन के स्तर पर है। शासन से औपचारिक आदेश मिलने के बाद ही विश्वविद्यालय चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। प्रशासन ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी मांग रखने का अधिकार है, लेकिन विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
घटना को लेकर छात्र कल्याण संघ के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत त्रिपाठी ने छोटी ग्वालटोली थाने में लिखित शिकायत दी है। कुलसचिव प्रज्वल खरे के अनुसार प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस अब शिकायत के आधार पर घटना में शामिल लोगों और पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी।
प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थी साइकिल रैली के जरिए विश्वविद्यालय पहुंचे थे। प्रदर्शन के बाद कुछ विद्यार्थियों ने अपनी साइकिलें परिसर के आसपास छोड़ दीं। ये साइकिलें एआईसीटीएसएल की माय बाइक सेवा से संबंधित थीं। पुलिस कार्रवाई की संभावना के बीच कई छात्र मौके से चले गए, जिसके बाद संबंधित एजेंसी ने साइकिलें वहां से हटा लीं।
छात्र नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू कराना है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन शासन के निर्देशों की प्रतीक्षा की बात कह रहा है। मेनगेट तोड़ने की घटना के बाद अब विवाद में पुलिस कार्रवाई का पहलू भी जुड़ गया है। छात्रों की नजर जहां चुनाव की तारीख पर है, वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।













