भारत से हार के बाद भी कर्स्टन को श्रीलंका के भविष्य पर भरोसा
बोले- टीम आकार ले रही, लगातार टेस्ट खेलने से सुधरेगा प्रदर्शन; गाले में भारत ने 165 रन से जीता पहला टेस्ट

गाले। भारत के खिलाफ पहले टेस्ट में 165 रन की हार के बावजूद श्रीलंका के मुख्य कोच गैरी कर्स्टन ने टीम के भविष्य को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है। गाले में पांचवें दिन श्रीलंका की दूसरी पारी 206 रन पर सिमट गई और भारत ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। हालांकि कर्स्टन का मानना है कि श्रीलंकाई टीम में प्रतिभा की कमी नहीं है, बल्कि उसे लगातार टेस्ट क्रिकेट खेलने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं।
कर्स्टन के अनुसार पिछले कुछ महीनों में श्रीलंका ने बहुत कम टेस्ट मुकाबले खेले हैं। इसके कारण खिलाड़ियों को इस प्रारूप की मांगों और अलग-अलग परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि टीम में अब एक ढांचा बनता दिखाई दे रहा है, लेकिन इसे निरंतर प्रदर्शन में बदलने के लिए ज्यादा टेस्ट मैच खेलना जरूरी है।
शीर्ष क्रम की कमजोरी बनी हार की वजह
भारत के खिलाफ श्रीलंका की सबसे बड़ी समस्या शीर्ष क्रम की बल्लेबाजी रही। पहली पारी में शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम पांच विकेट पर 90 रन तक पहुंच गई थी। हालांकि सोनल दिनुषा के शतक ने पारी को संभाला और श्रीलंका ने 284 रन बनाए। दूसरी पारी में भी शुरुआती झटकों से टीम उबर नहीं सकी और 372 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 206 रन पर ऑलआउट हो गई।
कर्स्टन ने श्रीलंकाई गेंदबाजों के प्रदर्शन को टीम का सकारात्मक पक्ष बताया। उनके मुताबिक गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया और करीब 50 ओवर में भारत के 10 विकेट हासिल किए। कुछ कैच नहीं छूटते तो भारत की बढ़त और कम हो सकती थी। हालांकि दोनों पारियों में शीर्ष क्रम के जल्दी बिखरने से टीम को बड़ा नुकसान हुआ।
पडिक्कल-राहुल ने भारत को दिलाई बढ़त
भारत की पहली पारी में देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन और केएल राहुल ने 82 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। श्रीलंका की ओर से सोनल दिनुषा ने पहली पारी में शतक लगाया और दूसरी पारी में भी 84 रन बनाकर संघर्ष किया। कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने दूसरी पारी में 59 रन बनाए, लेकिन ये प्रयास टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके।
भारत की जीत में युवा स्पिनर मानव सुथार की भूमिका भी निर्णायक रही। उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट लिए। पहली पारी में चार और दूसरी पारी में छह विकेट लेकर उन्होंने श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।
अगले छह महीनों में छह टेस्ट से उम्मीद
कर्स्टन ने कहा कि श्रीलंका को अगले छह महीनों में करीब छह टेस्ट खेलने हैं। इससे खिलाड़ियों को लंबे समय तक बल्लेबाजी करने, लगातार विकेट लेने और मैच के अलग-अलग चरणों में परिस्थितियों के अनुसार खेलने का अनुभव मिलेगा। उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में निरंतरता केवल अभ्यास से नहीं, बल्कि नियमित मुकाबले खेलने से आती है।
23 अगस्त से कोलंबो में दूसरा टेस्ट
भारत और श्रीलंका के बीच सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा। श्रीलंका के सामने सीरीज बराबर करने की चुनौती होगी। इसके बाद टीम पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के दौरों पर जाएगी, जबकि अगले वर्ष दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज भी प्रस्तावित है।
कर्स्टन का मानना है कि श्रीलंका को ऐसी गेंदबाजी इकाई तैयार करनी होगी जो तेज गेंदबाजी और स्पिन के जरिए नियमित रूप से 20 विकेट लेने में सक्षम हो। साथ ही बल्लेबाजों को लंबी पारियां खेलने की क्षमता विकसित करनी होगी। गाले की हार ने श्रीलंका की कमियों को जरूर उजागर किया है, लेकिन कर्स्टन इसे टीम के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव मान रहे हैं।













