जब जन-जन की जननी माता भगवती आदिशक्ति जगदंबा है तो मानव में भेद कैसा: संध्या शुक्ला

रामपुर नैकिन। सीधी जिले के रामपुर लेकिन तहसील के हत्था ग्राम में भगवती मानव कल्याण संगठन द्वारा बृहद स्तर पर जिला स्तरीय अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ का आयोजन हुआ जिसमें भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष संध्या शुक्ला एवं भगवती मानव कल्याण संगठन के केंद्रीय महासचिव आशीष शुक्ला हजारों की संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालु उपस्थित हुए। कार्यक्रम का आयोजन मंगलवार को सुबह 11:00 बजे प्रारंभ होकर बुधवार को 11 बथे समापन किया गया। समापन मेला पर पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम मे चल रहे अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ की ऊर्जा श्री शक्तिपुत्र जी महाराज का आशीर्वाद लेकर शक्ति स्वरूपा भजन संध्या शुक्ला एवं आशीष शुक्ला में उपस्थिति रही।

बहन संध्या शुक्ला ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम सब की आज समाज को नशे से मांस से मुक्त चरित्रवान जीवन जीने की आवश्यकता है। आज किसी को कितना धन दे दिया जाए लेकिन वह नशे के कारण अपना जीवन भी नष्ट करता है और संपत्ति भी नष्ट करता है। मांसाहार करके तरह-तरह की बीमारियों से समाज ग्रस्त हो रहा है। जब हम किसी जीव जंतु की हत्या करते हैं तो हमारे अंदर की दया ममता करुणा नष्ट हो जाती है, जिसके अंदर यह मूल भाव नहीं है वह कैसे मानव बन सकता है ? आज समाज को चरित्रवान होने की जरूरत है हमारे ऋषि मुनियों के संकल्प को पुनः धारण करने की आवश्यकता है तभी नारी का सम्मान हो सकेगा बच्चे गलत रास्ते में जाने से बचेंगे जब हम स्वत: चरित्रवान जीवन जी कर समाज में एक उदाहरण बनेंगे। जगत की जननी माता भगवती आदिशक्ति जगदंबा है हर जीव जंतु उनकी कृति है फिर मानव समाज में भेद भाव कैसा आज समाज में स्वच्छता की आवश्यकता है किसी को हेय दृष्टि से देखने की नहीं, संध्या शुक्ला जी ने कहा कि आज समाज को धर्म के नाम पर कोई पर्चा बनाकर थक रहा है तो कोई झाड़ फूंक के नाम पर समाज को गुमराह कर रहा है। कोई यह नहीं बता रहा कि सूर्योदय से पहले उठो पुरुषार्थी बानो अपने परिवार की जरूरत का ध्यान दो और मां की भक्ति में रम जाव आत्म कल्याण और जनकल्याण ही मानव का लक्ष्य होना चाहिए फिर आप उन पर्चा बनाने वालों से कहीं अधिक श्रेष्ठ होगे।
कार्यक्रम में उपस्थित भगवती मानव कल्याण संगठन की केंद्रीय महासचिव आशीष शुक्ला राजू भैया जी ने कहा कि जो मां का भक्त हो जाता है उसे फिर अन्य कहीं झोली फैलाने की आवश्यकता नहीं है। भक्त होना सामान्य बात नहीं है, अपने घरों में नीतीश साधना कम करें श्री दुर्गा चालीसा का पाठ करें और पंचज्योति शक्ति सिद्धाश्रम में सर्दियों नवरात्रि के अष्टमी में विजयदशमी के पावन पर्व पर त्रिशक्ति साधना शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें महालक्ष्मी महाकाली महा सरस्वती मां की आराधना में श्री शक्तिपुत्र जी महाराज का विशेष चिंतन प्राप्त होगा और जो लोग नशा छोड़ना चाहते हैं उनके लिए भी महत्वपूर्ण अवसर है शिविर में ठहरने एवं भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है।












