‘विश्वास, 2026’’ योजना से हर्जाने एवं पेनल्टी विवादों का होगा त्वरित निस्तारण
नियोक्ताओं को रियायती दरों पर विवाद समाधान का मिलेगा एकमुश्त अवसर
सिंगरौली,। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा हर्जाने एवं पेनल्टी से संबंधित लंबित विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण के लिए ‘‘विश्वास, 2026’’ योजना शुरू की गई है। योजना 29 जून 2026 से प्रभावी है तथा अधिसूचना जारी होने की तिथि से छह माह तक लागू रहेगी।योजना के तहत कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 की धारा 14 बी तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 128 के अंतर्गत हर्जाने एवं पेनल्टी से संबंधित पात्र मामलों का निस्तारण किया जाएगा। 14 जून 2024 से पूर्व की अवधि के डिफॉल्ट के लिए रियायती दरें निर्धारित की गई हैं। दो माह तक की देरी पर 0.25 प्रतिशत, दो से चार माह तक 0.50 प्रतिशत तथा चार माह से अधिक की देरी पर 1 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से हर्जाना निर्धारित किया गया है।
योजना का लाभ लेने के लिए नियोक्ताओं को आवेदन से पूर्व निर्धारित वैधानिक ब्याज का पूर्ण भुगतान करना होगा तथा निपटारे के बाद आगे अपील नहीं करने का वचन देना होगा। आवेदन ईपीएफओ के एम्प्लॉयर पोर्टल के माध्यम से डीएससी अथवा ई-साइन से ऑनलाइन किया जा सकेगा। धोखाधड़ी, गबन, अभिलेखों में जानबूझकर हेरफेर तथा पूर्ण रूप से वसूल किए जा चुके हर्जाने एवं पेनल्टी से संबंधित मामले योजना के दायरे से बाहर रहेंगे। ईपीएफओ ने पात्र नियोक्ताओं से ‘‘विश्वास, 2026’’ योजना का लाभ उठाकर लंबित विवादों का शीघ्र समाधान कराने की अपील की है।












