टीकाकरण की ऑनलाइन एंट्री को लेकर दबाव, स्वास्थ्य कर्मियों में नाराजगी
पूर्व में सूचना देने के बावजूद जारी निर्देश, ऑनलाइन कार्य की एंट्री नहीं करने पर भुगतान रोकने की चेतावनी

सिंगरौली। विकासखंड चितरंगी में टीकाकरण सत्रों की ऑनलाइन एंट्री को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक पत्र चर्चा में है। पत्र में एएनएम को निर्देश दिए गए हैं कि टीकाकरण सत्रों को यू-विन पोर्टल पर ऑनलाइन चालू कर एंट्री सुनिश्चित की जाए। निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर भुगतान संबंधी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड चितरंगी द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि 25 अगस्त 2026 को संबंधित एएनएम द्वारा यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण सत्र न तो चालू किया गया और न ही ऑनलाइन एंट्री की गई। इस संबंध में राज्य स्तर से 31 अगस्त को जूम क्लास में टीकाकरण राज्य उपसंचालक द्वारा नाराजगी व्यक्त किए जाने का हवाला दिया गया है।
पत्र में कहा गया है कि यदि 1 सितंबर 2026 को टीकाकरण के लिए वैक्सीन प्राप्त कर टीकाकरण किया जाता है तो यू-विन पोर्टल पर सत्र चालू कर ऑनलाइन एंट्री करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर संबंधित एएनएम को मिलने वाला भुगतान नहीं मिलने की बात कही गई है। साथ ही पत्र में ऑनलाइन सत्र चालू नहीं करने और एंट्री नहीं करने की स्थिति में संबंधित भुगतान स्वयं के वेतन से किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
कार्य बंद नहीं, केवल ऑनलाइन एंट्री को लेकर मामला
वहीं, इस पूरे मामले में यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा टीकाकरण अथवा अन्य विभागीय कार्य बंद नहीं किया गया है। कर्मचारियों की आपत्ति केवल ऑनलाइन एंट्री से जुड़े उस कार्य को लेकर है, जिसके लिए एएनएम को अलग से भुगतान नहीं मिलता है।
कर्मचारियों का कहना है कि टीकाकरण का मैदानी कार्य नियमित रूप से किया जा रहा है। विवाद केवल यू-विन पोर्टल पर ऑनलाइन सत्र चालू करने और उसकी एंट्री को लेकर है। ऐसे में ऑनलाइन कार्य के लिए भुगतान नहीं मिलने के बावजूद इसके आधार पर मानदेय अथवा वेतन संबंधी कार्रवाई की चेतावनी दिए जाने को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है।
पूर्व में सूचना देने के बावजूद दबाव का आरोप
स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को पूर्व में ही ऑनलाइन एंट्री से जुड़ी स्थिति की सूचना दी जा चुकी थी, इसके बावजूद अब पत्र जारी कर दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों का सवाल है कि जब मैदानी स्तर पर टीकाकरण कार्य प्रभावित नहीं हुआ है, तो केवल ऑनलाइन एंट्री को आधार बनाकर भुगतान रोकने की चेतावनी क्यों दी जा रही है।
कर्मचारियों ने मांग की है कि ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ी तकनीकी अथवा अन्य समस्याओं का समाधान कराया जाए और बिना भुगतान वाले अतिरिक्त ऑनलाइन कार्य को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। मामले में स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।











