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निगाही खदान में बिजली पोल काटकर चोरी

घने जंगल का फायदा उठाकर भागे आरोपी, मौके से तीन मोटरसाइकिलें बरामद; मोरवा पुलिस ने दर्ज किया मामला

सिंगरौली। निगाही परियोजना में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला सिंगरौली एक्सप्रेस-वे से सटे निगाही खदान क्षेत्र के केंद्रीय विद्युत उपकेंद्र के पास का है, जहां अज्ञात लोगों ने विद्युत पोल और तार काटकर चोरी करने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही कोल इंडिया की सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची, लेकिन सुरक्षा कर्मियों को देखते ही आरोपी घने जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले।

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, 5 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजे गश्ती दल को केंद्रीय विद्युत उपकेंद्र के पास विद्युत पोल और तार काटे जाने की सूचना मिली। सूचना पर सुरक्षा निरीक्षक सत्येंद्र कुमार पाण्डेय, वरिष्ठ सुरक्षा निरीक्षक अनिल दुफारे तथा सुरक्षा प्रहरी अमरीश पाण्डेय और मोरध्वज सिंह मौके पर पहुंचे। टीम ने जंगल क्षेत्र की घेराबंदी की, लेकिन करीब 6 से 7 लोग जंगल की ओर भागने में सफल रहे।

20 मीटर तार चोरी, तीन मोटरसाइकिलें मिलीं
मौके के निरीक्षण में एक जस्ता-लेपित लोहे का विद्युत पोल कटा हुआ मिला। शिकायत के अनुसार करीब 20 मीटर विद्युत तार चोरी हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है। घटनास्थल से तीन मोटरसाइकिलें भी मिलीं, जिन्हें सुरक्षा विभाग ने पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इनके नंबर यूपी64एपी2196, एमपी66जेडएच4676 और एमपी66एमजे8137 बताए गए हैं।बताया जा रहा है कि विद्युत पोल को काटने वाले औजार की मदद से करीब 4 से 5 टुकड़ों में काटा गया। प्रत्येक टुकड़े की लंबाई लगभग 7 से 8 फीट रखी गई, ताकि उन्हें आसानी से ले जाया जा सके। हालांकि, घटना में इस्तेमाल किए गए औजार और चोरी की पूरी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

मामूली कबाड़ कीमत, नुकसान बड़ा होने की आशंका
जानकारों के मुताबिक, कबाड़ के रूप में विद्युत पोल बेचने पर आरोपियों को कथित तौर पर महज 3 से 4 हजार रुपये का लाभ हो सकता है। वहीं विद्युत लाइन कटने से खदान में चलने वाली भारी मशीनों का संचालन प्रभावित होने पर परियोजना को लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है।निगाही परियोजना में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रबंधन के सामने ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और खदान क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की चुनौती है।
मोरवा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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