विकास को लेकर महापौर-अध्यक्ष आमने-सामने
नौगढ़-मेडिकल कॉलेज सड़क को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज, कांग्रेसियों ने दो दिन पहले सड़क पर रोपी थी धान; एक साल से कम बचा निगम का कार्यकाल

सिंगरौली। नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर महापौर रानी अग्रवाल और नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। ताजा विवाद वार्ड क्रमांक 45 के नौगढ़ से मेडिकल कॉलेज और माजन मोड़ से इंदिरा चौक विंध्यनगर तक सड़क निर्माण को लेकर सामने आया है। निगम का कार्यकाल अब एक वर्ष से भी कम बचा है, ऐसे में दोनों जनप्रतिनिधियों के बीच चल रही खींचतान ने शहर की राजनीति गरमा दी है।
महापौर रानी अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश, देश और सिंगरौली में भाजपा की सरकार होने के बावजूद भाजपा नेताओं द्वारा नगर निगम के विकास कार्यों में अड़ंगा लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से शहर के विकास के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन कई कामों में राजनीतिक कारणों से बाधाएं खड़ी की गईं।
अध्यक्ष बोले- फाइलों पर सहमति नहीं मिलने से रुके काम
नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे ने महापौर के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक करोड़ रुपए से अधिक के कार्य महापौर के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उनके अनुसार निगम के विभिन्न विकास कार्यों की फाइलों पर महापौर की सहमति नहीं मिलने के कारण कई काम प्रभावित हुए।
नौगढ़ से मेडिकल कॉलेज सड़क को लेकर देवेश पांडे ने कहा कि यहां भी काम में रुकावट आई थी। इसके बाद कलेक्टर ने सड़क को पीडब्ल्यूडी को सौंपकर स्वीकृति दिलाई है और जल्द ही सड़क का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
सड़क पर कांग्रेसियों ने रोपी थी धान
दो दिन पहले शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नौगढ़ से मेडिकल कॉलेज मार्ग की खराब स्थिति के विरोध में सड़क पर धान रोपकर प्रदर्शन किया था। इस पर देवेश पांडे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेसियों को पहले अपने कार्यकाल और भूमिका पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि “कांग्रेसियों की दाल आगे नहीं गलने वाली।”चार साल से विकास कार्यों को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब निगम का कार्यकाल अंतिम चरण में है। ऐसे में शहरवासियों की नजर इस बात पर है कि राजनीतिक खींचतान के बीच लंबित सड़क और अन्य विकास कार्य कब तक धरातल पर उतरते हैं।











