प्याज की बढ़ती कीमतों पर सरकारी दांव, 10 दिन में 4 हजार टन बफर स्टॉक खपाया
35 रुपए किलो बेचने के बावजूद देश में औसत खुदरा भाव 48.50 से बढ़कर 50.79 रुपए किलो हुआ

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन से पहले प्याज की बढ़ती कीमतों ने केंद्र सरकार की चिंता बढ़ा दी है। बाजार में तेजी रोकने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री तेज कर दी है। 28 अगस्त को रियायती बिक्री शुरू होने के बाद 10 दिनों में 17 शहरों में करीब 4 हजार टन प्याज बेचा गया। चुनिंदा शहरों में उपभोक्ताओं को प्याज 35 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है।
हालांकि सरकारी हस्तक्षेप के बावजूद देश में प्याज का औसत खुदरा भाव 28 अगस्त के 48.50 रुपए से बढ़कर 5 सितंबर को 50.79 रुपए प्रति किलो पहुंच गया। दिल्ली में भाव करीब 58, मुंबई में 53 और चेन्नई में 63 रुपए किलो रहा।
केंद्र ने 2026 के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया है। इसे भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ के जरिए बाजार में उतारा जा रहा है। आपूर्ति बढ़ाने के लिए विशेष रेल सेवा ‘कांदा एक्सप्रेस’ भी चलाई जा रही है।
सरकार के मुताबिक रबी प्याज की कटाई के दौरान हुई बेमौसम बारिश से भंडारण योग्य प्याज प्रभावित हुआ है। हालांकि 2025-26 में कुल उत्पादन करीब 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है।
अब राहत की उम्मीद अक्टूबर मध्य से नई खरीफ फसल की आवक से है। सरकार की असली परीक्षा यह सुनिश्चित करने की होगी कि बफर प्याज की सस्ती आपूर्ति वास्तविक रूप से उपभोक्ताओं तक पहुंचे और नई फसल की आवक सुचारु रहे।













