मेडिकल कॉलेज को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश हुई तो होगा बड़ा जन आंदोलन
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान बोले- जनता के पैसे से बने संस्थान को निजी संचालन में देने से पहले सरकार स्पष्ट करे स्थिति

सिंगरौली। सिंगरौली मेडिकल कॉलेज को सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल पर संचालित किए जाने की खबरों को लेकर कांग्रेस ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली शहर के अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने कहा कि यदि मेडिकल कॉलेज को निजी हाथों में सौंपने का प्रयास किया गया तो कांग्रेस इसके विरोध में बड़ा जन आंदोलन करेगी।
दरअसल, मध्यप्रदेश के नौ सरकारी मेडिकल कॉलेजों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की प्रक्रिया की खबरें सामने आई हैं, जिनमें सिंगरौली मेडिकल कॉलेज का नाम भी शामिल बताया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इसके लिए लेन-देन सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है।
प्रवीण सिंह चौहान ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से सिंगरौली के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद बनी है। उनका कहना है कि जनता के धन से विकसित किए गए संस्थान के संचालन में निजी भागीदारी लाने से पहले सरकार को इसके कारण, शर्तें और आम मरीजों पर पड़ने वाले प्रभाव को सार्वजनिक करना चाहिए।
उन्होंने सिंगरौली में उपलब्ध डीएमएफ और सीएसआर राशि का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मॉडल पर देने की जरूरत पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
चौहान ने आरोप लगाया कि पीपीपी के नाम पर सरकारी संस्थानों को निजी हितों के लिए सौंपने की आशंका पैदा होती है। हालांकि यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि सरकार पूरी प्रक्रिया और प्रस्तावित शर्तों की जानकारी सार्वजनिक करे।
इसी मुद्दे को लेकर प्रवीण सिंह चौहान मेडिकल कॉलेज पहुंचे और छात्रों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों से पीपीपी मॉडल को लेकर चर्चा की। उनके अनुसार छात्रों ने भी प्रस्तावित व्यवस्था का विरोध किया। इस दौरान सेवादल अध्यक्ष रूपेश पांडे, जिला प्रवक्ता अवनीश दुबे, जिला महामंत्री सौरभ सिंह रघुवंशी, वार्ड पार्षद रामगोपाल पाल और राणा सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
चौहान ने कहा कि यदि मेडिकल कॉलेज को निजी हाथों में देने का निर्णय लिया गया तो कांग्रेस सड़क से लेकर लोकतांत्रिक मंचों तक विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर व्यापक जन आंदोलन और बाजार बंद जैसे कार्यक्रम भी किए जाएंगे।










