मेडिकल-नर्सिंग शिक्षा के मुद्दों पर एनएसओ का अनिश्चितकालीन धरना जारी

जबलपुर। मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के विखंडन की कोशिशों पर रोक लगाने की मांग को लेकर एनएसओ छात्र संगठन का अनिश्चितकालीन धरना लगातार जारी है। संगठन के संस्थापक गोपाल पाराशर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा, आदित्य और पिंटू के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने प्रदर्शन कर विभिन्न मांगें उठाईं।
आंदोलनकारियों ने प्रदेश में वर्षों से लंबित शैक्षणिक सत्रों को जल्द नियमित करने, विश्वविद्यालय को जबलपुर से अन्यत्र स्थानांतरित करने की किसी भी संभावना पर रोक लगाने तथा भोपाल नर्सिंग काउंसिल की कार्यप्रणाली की पारदर्शी जांच कराने की मांग की। संगठन ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग रखी।
स्टाफ की कमी से प्रभावित हो रही व्यवस्था
प्रदर्शनकारियों के अनुसार करीब 15 वर्ष पहले स्थापित विश्वविद्यालय में अब तक पर्याप्त स्थायी अधिकारी-कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इसके कारण परीक्षाओं के आयोजन, परीक्षा परिणाम जारी करने और विद्यार्थियों को मूल डिग्री उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। मान्यता संबंधी विवाद और न्यायालयीन मामलों के चलते नर्सिंग के शैक्षणिक सत्रों में भी देरी हो रही है।
कालेजों की संबद्धता को लेकर भी विरोध
एनएसओ पदाधिकारियों ने कहा कि जबलपुर में विश्वविद्यालय होने के बावजूद नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को अन्य क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध किया जा रहा है। संगठन ने सभी संबंधित संस्थानों को फिर से आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय से संबद्ध करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय की गतिविधियों का असर विद्यार्थियों के साथ-साथ शहर के होटल, खानपान और परिवहन कारोबार पर भी पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।













