एसआईआर में बड़े नामों को नोटिस, जयशंकर-सिसोदिया समेत कई वीवीआईपी के रिकॉर्ड ‘अनमैप्ड’

नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत कई हाई-प्रोफाइल और वीवीआईपी मतदाताओं को चुनाव आयोग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको एस. जयशंकर, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और उनके परिवार के सदस्य, सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद तथा पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और सेबी अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे समेत कई वरिष्ठ सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम भी इस प्रक्रिया में सामने आए हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं के मौजूदा विवरण वर्ष 2002 के पिछले मतदाता पुनरीक्षण रिकॉर्ड से मेल नहीं खा सके हैं, उन्हें ‘अनमैप्ड विद लास्ट एसआईआर’ श्रेणी में रखा गया है। एस. जयशंकर, प्रवीण सूद और जनरल उपेंद्र द्विवेदी नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। पुराने रिकॉर्ड से उनका लिंक नहीं मिलने के कारण नोटिस जारी किया गया है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का मतलब मतदाता सूची से नाम हटना नहीं है। इसका उद्देश्य ईसीआईनेट प्रणाली में मतदाता संबंधी जानकारी को सही और अद्यतन करना है।
सिसोदिया परिवार के रिकॉर्ड में भी विसंगतियां
पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और उनके परिवार को भी नोटिस भेजे गए हैं। सिसोदिया के नोटिस में कोई विशेष कारण दर्ज नहीं है। उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया के रिकॉर्ड में उनके नाम में अंतर, जबकि बेटे मीर सिसोदिया के फॉर्म में माता-पिता के नाम से संबंधित विसंगति दर्ज की गई है। सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास की पत्नी शीबा ब्रिटास और बेटे आनंद ब्रिटास के दस्तावेजों में भी नाम और अभिभावक संबंधी विवरण में अंतर पाया गया है।
पूर्व जज और वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी
सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई और उनके परिवार के तीन सदस्यों को भी ‘अनमैप्ड’ श्रेणी में रखा गया है। प्रधानमंत्री के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद, स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, मत्स्य पालन सचिव अभिलक्ष लिखी, उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्रा और भूमि संसाधन सचिव नरेंद्र भूषण के पुराने रिकॉर्ड का लिंक नहीं मिल पाया। वहीं व्यय सचिव वमंलुनमंग वुआलनाम और कैग के संजय मूर्ति के मामलों में परिजनों के नाम से जुड़ी विसंगतियां सामने आई हैं।
केजरीवाल परिवार भी रहा था अनमैप्ड
इससे पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के चार सदस्यों—पत्नी सुनीता, पिता गोविंद राम, माता गीता देवी और पुत्र पुलकित—को भी ‘अनमैप्ड’ श्रेणी में रखा गया था। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, उनके गणना फॉर्म में पिछले पुनरीक्षण रिकॉर्ड से लिंक स्थापित करने के लिए जरूरी विवरण अधूरे थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को आयु संबंधी विसंगति के कारण नोटिस दिया गया था। बाद में बूथ स्तर के अधिकारी के भौतिक सत्यापन के बाद उनके दस्तावेजों की पुष्टि कर दी गई।
29 अक्टूबर तक जवाब, 4 नवंबर को अंतिम सूची
चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी भी नागरिक का नाम उचित सुनवाई का अवसर दिए बिना और लिखित आदेश के बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। संबंधित मतदाताओं को निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के समक्ष आवश्यक दस्तावेज और अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। नोटिसों के निस्तारण की अंतिम तारीख 29 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इसके बाद सुधार और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर 4 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।













