कलेक्टर ने देवरा की नगर निगम गौशाला का किया निरीक्षण
देवरा गौशाला में बिजली-पानी की व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश

सिंगरौली। कलेक्टर ने देवरा स्थित नगर निगम की गौशाला का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और संचालन व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान गौशाला में बिजली कनेक्शन, पशुओं की नांद तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन और क्षतिग्रस्त तार फेंसिंग सहित अन्य व्यवस्थाओं में कमी सामने आई। कलेक्टर ने नगर निगम अधिकारियों को सभी आवश्यक सुविधाओं का तत्काल उन्नयन कराने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान बताया गया कि गौशाला में पानी के लिए हैंडपंप तो उपलब्ध है, लेकिन नांद तक पानी पहुंचाने की समुचित व्यवस्था नहीं है। कलेक्टर ने हैंडपंप से पानी पहुंचाने के लिए छोटी मोटर और पाइपलाइन सिस्टम लगाने के निर्देश दिए, ताकि पशुओं को नियमित रूप से पानी मिल सके। गौशाला में विद्युत कनेक्शन तत्काल कराने के साथ क्षतिग्रस्त तार फेंसिंग की मरम्मत और प्रवेश के लिए आवश्यक गेट का निर्माण कराने को भी कहा गया।
जनभागीदारी से बेहतर होगा संचालन
कलेक्टर ने गौशाला के संचालन में सामाजिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने गौसेवा संस्थान के प्रतिनिधियों से नगर निगम के साथ गैर-लाभकारी आधार पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने के निर्देश दिए। इसके तहत संस्थान गौशाला की देखरेख और संचालन में सहयोग करेगा तथा रोजाना सामने आने वाली समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी नगर निगम एवं जिला प्रशासन को देगा।
उन्होंने कहा कि संचालन व्यवस्था बेहतर होने के बाद गौशाला का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा। वर्तमान शेड पशुओं की संख्या के लिहाज से पर्याप्त नहीं हैं। परिसर में उपलब्ध भूमि को देखते हुए अतिरिक्त शेड बनाए जा सकते हैं, जिससे अधिक पशुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित आश्रय मिल सके।
वर्तमान में गौशाला में नगर निगम के तीन कर्मचारी कार्यरत हैं। पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था भी पर्याप्त बताई गई। कलेक्टर ने जनभागीदारी के माध्यम से व्यवस्थाओं को और मजबूत करने तथा पशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गौशाला परिसर में बनेगा एबीसी सेंटर
गौशाला परिसर में एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर भी विकसित किया जाएगा। नगर निगम की ओर से इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। कलेक्टर ने अधिकारियों को सेंटर का काम जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए। इससे आवारा और निराश्रित पशुओं के प्रबंधन तथा पशु नियंत्रण की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशाला के विकास और संचालन से जुड़े सभी कार्य समयसीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने पशुओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और पर्याप्त सुविधाओं वाला वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।












