एनसीएल ने ‘सेवा कुटीर’ सीएसआर पहल का किया विस्तार, 16 नए केन्द्रों से अब 3,000 से अधिक स्थानीय बच्चे होंगे लाभान्वित

सिंगरौली- सिंगरौली स्थित कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) अपनी सीएसआर पहल ‘सेवा कुटीर’ के माध्यम से सिंगरौली के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा, पोषण और सर्वांगीण विकास को निरंतर बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में सोमवार को एनसीएल ने परिवार एजुकेशन सोसाइटी के साथ नए ‘सेवा कुटीर’ केन्द्रों की स्थापना हेतु एमओयू किया ।
इस दौरान एमओयू पर एनसीएल की ओर से महाप्रबंधक (सीएसआर), श्री राजीव रंजन एवं परिवार एजुकेशन सोसाइटी की ओर से सीईओ, श्री सिद्धार्थ परमार ने हस्ताक्षर किए।
इस एमओयू के तहत एनसीएल एवं परिवार एजुकेशन सोसाइटी द्वारा सिंगरौली परिक्षेत्र के गांवों में 16 नए सेवा कुटीर केन्द्रों की स्थापना की जाएगी। कंपनी की सीएसआर इस पहल से अब ग्रामीण क्षेत्रों के 3,000 से अधिक बच्चे लाभान्वित होंगे। उक्त ‘सेवा कुटीर’ केन्द्रों के माध्यम से 3 से 14 वर्ष की आयु के स्थानीय बच्चों को प्रतिदिन दो बार पूरक शिक्षा एवं पोषण उपलब्ध कराया जाता है। इन केन्द्रों में नियमित पढ़ाई के साथ बच्चों को खेल-कूद, योग, चित्रकला, कहानी, हस्तशिल्प, नैतिक शिक्षा एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाता है, जिससे उनके शैक्षणिक, शारीरिक, सामाजिक एवं रचनात्मक विकास को प्रोत्साहन मिले।
‘सेवा कुटीर’ केंद्र के माध्यम से बच्चों की व्यक्तिगत सीखने की क्षमता के अनुरूप शिक्षा प्रदान की जाती है तथा प्रत्येक बच्चे का आधारभूत मूल्यांकन किया जाता है और उसके सीखने के स्तर एवं गति के अनुसार शैक्षणिक सहयोग दिया जाता है। इससे बच्चों को अपनी क्षमता और समझ के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
एनसीएल की इस सीएसआर पहल का उद्देश्य ग्रामीण बच्चों को एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय एवं कन्या शिक्षा परिसर जैसे प्रतिष्ठित सरकारी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए तैयार करना भी है। इसके लिए बच्चों और उनके अभिभावकों को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है।
गौरतलब है कि विगत वर्ष एनसीएल और परिवार एजुकेशन सोसाइटी द्वारा 25 ‘सेवा कुटीर’ केन्द्रों का संचालन किया गया था।
एनसीएल की ‘सेवा कुटीर’ सीएसआर पहल के विस्तार से सिंगरौली के दूरस्थ क्षेत्रों के अधिक बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहयोग और पोषण पहुंचाने में मदद मिलेगी तथा उन्हें बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा।












