सांकेतिक भाषा से खामोशियों को मिली आवाज
अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर रेडक्रॉस डीडीआरसी में विशेष आयोजन

सिंगरौली। अंतरराष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य मूक-बधिर एवं श्रवण बाधित दिव्यांगजनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सांकेतिक भाषा के माध्यम से संवाद, समान अवसर और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में जिला एवं प्रधान न्यायाधीश अतुल कुमार खंडेलवाल, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश उमेश सोनी, न्यायाधीश जितेंद्र शर्मा, सत्यम पांडे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोरम तिवारी, सीएमएचओ डॉ. पुष्पराज सिंह, लायंस क्लब के पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर जेएन श्रीवास्तव और रेडक्रॉस चेयरमैन एसडी सिंह सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुई। दिव्यांगजनों को अंगवस्त्र एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।

रेडक्रॉस चेयरमैन एसडी सिंह ने कहा कि सांकेतिक भाषा दिव्यांगजनों को शिक्षा, अधिकारों और अवसरों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। डीडीआरसी के सीनियर ऑडियोलॉजिस्ट अजय सिंह ने प्रस्तुति और सांकेतिक भाषा के माध्यम से इसके महत्व की जानकारी दी। इस दौरान कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता भी हुई।
मुख्य अतिथि अतुल कुमार खंडेलवाल ने दिव्यांगजनों को समान अवसर और सम्मान देने को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोरम तिवारी ने न्याय संबंधी मामलों में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। संचालन डॉ. डीके मिश्रा और आभार डॉ. ओपी राय ने व्यक्त किया।












