‘गज-फुट-इंच’ नाटक के मंचन के साथ एनटीपीसी विंध्याचल में हिंदी पखवाड़ा संपन्न
विजयी प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित, हिंदी को वर्षभर उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान

सिंगरौली। एनटीपीसी विंध्याचल परियोजना में 28 सितंबर को उमंग भवन सभागार में हिंदी पखवाड़ा 2026 का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। समारोह में कामायनी साहित्य संस्थान, लखनऊ की टीम ने डॉ. के.पी. शर्मा द्वारा लिखित कहानी ‘गज-फुट-इंच’ का नाट्य मंचन किया। प्रभावशाली अभिनय और प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और एनटीपीसी गीत के साथ हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि कार्यकारी निदेशक विंध्याचल किशोर कुमार होता तथा विशिष्ट अतिथि महाप्रबंधक प्रचालन एवं अनुरक्षण एम. सुरेश उपस्थित रहे। इसके अलावा महाप्रबंधक तकनीकी एवं सेवाएं देवव्रत त्रिपाठी, महाप्रबंधक अनुरक्षण एवं एडीएम निर्मल कुमार सहित सभी महाप्रबंधक, अपर महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, राजभाषा नोडल अधिकारी, यूनियन एवं एसोसिएशन के पदाधिकारी, कामायनी साहित्य संस्थान की टीम तथा सुहासिनी संघ की पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहीं।

समारोह में विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं के विजयी प्रतिभागियों को कार्यकारी निदेशक किशोर कुमार होता ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं में पुरस्कार प्राप्त करना खुशी की बात है, लेकिन प्रतियोगिता में भाग लेना भी महत्वपूर्ण है। प्रतिभागिता के माध्यम से अपनी प्रतिभा को सामने लाने और उसे निखारने का अवसर मिलता है। उन्होंने हिंदी पखवाड़े में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि हिंदी लोगों को एक सूत्र में जोड़ने का कार्य करती है और विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है। हिंदी का उपयोग केवल एक सप्ताह या पखवाड़े तक सीमित न रहकर पूरे वर्ष जारी रहना चाहिए। उन्होंने मानव संसाधन राजभाषा अनुभाग द्वारा हिंदी पखवाड़ा के सफल आयोजन की सराहना करते हुए सभी विजयी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में डीपीएस, डी-पॉल, सरस्वती एवं शासकीय विद्यालय विंध्यनगर के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, एनटीपीसी के अधिकारी-कर्मचारी, उनके परिवारजन तथा प्रतियोगिताओं के विजेता और उनके परिजन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मानव संसाधन विभाग की अधिकारी अनम खान ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन राजभाषा के सहायक अधिकारी कल्याण सिंह ने किया।













