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राज्य शासन के निर्देश पर शासकीय चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस को लेकर सख्ती

सिंगरौली। राज्य शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत जिले में पदस्थ शासकीय चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार खरे ने जिले के सभी शासकीय विशेषज्ञ चिकित्सकों, चिकित्सा अधिकारियों, सिविल सर्जन एवं खंड चिकित्सा अधिकारियों को शासन के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

निर्देशों के अनुसार शासकीय चिकित्सक अपनी शासकीय ड्यूटी के समय के बाद ही निजी प्रैक्टिस कर सकेंगे। चिकित्सक अपने निवास पर नियमानुसार केवल परामर्श सेवा दे सकेंगे। अपने नाम अथवा परिजन के नाम से निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम या अस्पताल संचालित करना प्रतिबंधित रहेगा। इसी तरह किसी निजी नर्सिंग होम अथवा क्लीनिक में जाकर प्रैक्टिस करना भी नियमों के विपरीत माना जाएगा।

निवास पर परामर्श सेवा के लिए स्टेथोस्कोप, रक्तचाप मापने की मशीन, ईसीजी जैसे सामान्य उपकरण रखे जा सकेंगे। वहीं एक्स-रे, सोनोग्राफी, ईको, सर्जरी और पैथोलॉजी जांच से संबंधित उपकरण निजी प्रैक्टिस के लिए घर पर रखना प्रतिबंधित है। परिजन के नाम से रखे उपकरणों पर स्वयं का नाम जोड़कर रिपोर्ट जारी करना भी नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

 

स्वास्थ्य विभाग ने शासकीय चिकित्सकों को अपने पदस्थापना मुख्यालय पर निवास करते हुए नियमानुसार सेवाएं देने और शासकीय सेवा आचरण नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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