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मान के ओएसडी पर सीबीआई कार्रवाई से पंजाब की सियासत गरम

सीबीआई ने आठ ठिकानों पर की तलाशी, आप ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का लगाया आरोप

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन और उनसे जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई के बाद राज्य में सियासी घमासान तेज हो गया है। भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में सीबीआई ने मंगलवार को पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर तलाशी ली। यह जांच पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश के बाद आगे बढ़ी है।

सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर में कुल आठ ठिकानों पर तलाशी ली गई। कार्रवाई राजबीर सिंह घुम्मन समेत अन्य आरोपियों से जुड़े परिसरों में की गई। मामले में नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आर.एस. नागरा के नाम भी आरोपी के तौर पर सामने आए हैं।

बताया गया है कि मामले की जांच की पृष्ठभूमि में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री और हाई कोर्ट के निर्देश शामिल हैं। अदालत के निर्देश के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

आप ने भाजपा पर साधा निशाना

सीबीआई की कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया। पंजाब आप के प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के कामों से परेशान है और केंद्रीय एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।

धालीवाल ने आरोप लगाया कि सीबीआई की कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से की गई है और एजेंसी को तलाशी के दौरान कुछ हासिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगी।

हालांकि, ये आरोप आम आदमी पार्टी की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं। दूसरी ओर, सीबीआई की जांच न्यायिक निर्देश के बाद शुरू हुई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगी।

जांच में सामने आएगा आरोपों का सच

सीबीआई की कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसी दस्तावेजों, लेनदेन और अन्य संभावित साक्ष्यों की पड़ताल करेगी। तलाशी के दौरान क्या बरामद हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

किसी व्यक्ति का आरोपी बनाया जाना दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल मुख्यमंत्री के ओएसडी से जुड़े व्यक्ति के खिलाफ केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई ने पंजाब की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक ओर आप इसे केंद्र की राजनीतिक कार्रवाई बता रही है, वहीं सीबीआई के सामने भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच कर तथ्यों को सामने रखने की जिम्मेदारी है।

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