एनसीएल में निवारक सतर्कता पर विशेष सत्र, भ्रष्टाचार रोकने के उपायों पर हुई चर्चा
सीबीआई जबलपुर के शाखा प्रमुख सतीश कुमार राठी ने अधिकारियों को किया जागरूक, पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण पर दिया जोर

सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) में सतर्कता जागरूकता अभियान–2026 के अंतर्गत निवारक सतर्कता विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। शुक्रवार को एनसीएल मुख्यालय के सीईटीआई परिसर स्थित एमडीआई भवन में आयोजित इस सत्र में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, जबलपुर के पुलिस अधीक्षक एवं शाखा प्रमुख सतीश कुमार राठी ने मुख्य वक्ता के रूप में अधिकारियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम में एनसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय कुमार जायसवाल, विभिन्न क्षेत्रों के महाप्रबंधक, मुख्यालय के विभागाध्यक्ष तथा परियोजनाओं एवं मुख्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत महाप्रबंधक (सतर्कता) कमलेश बनसोड के स्वागत संबोधन से हुई।
भ्रष्टाचार रोकने में निवारक सतर्कता की अहम भूमिका
मुख्य वक्ता सतीश कुमार राठी ने सीबीआई के इतिहास, कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार निरोधक गतिविधियों की जानकारी देते हुए सार्वजनिक सेवाओं में सत्यनिष्ठा एवं निष्पक्षता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने भ्रष्टाचार और लालफीताशाही से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, जांच प्रक्रिया तथा भ्रष्टाचार से संबंधित सूचनाओं के विभिन्न स्रोतों के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि संस्थागत कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण सुनिश्चित करने के लिए निवारक सतर्कता महत्वपूर्ण है। समय रहते संभावित अनियमितताओं की पहचान करना और उन्हें रोकने के लिए प्रभावी उपाय अपनाना सुशासन की दिशा में अहम कदम है।

प्रश्नोत्तर सत्र में अधिकारियों ने पूछे सवाल
कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों ने सतर्कता व्यवस्था और भ्रष्टाचार निरोधक उपायों से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। मुख्य वक्ता ने इन विषयों पर जानकारी साझा करते हुए सतर्कता संबंधी प्रक्रियाओं और उपायों को समझाया।
गौरतलब है कि एनसीएल में सतर्कता जागरूकता अभियान–2026 का आयोजन ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम के तहत किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं और इकाइयों में जागरूकता कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी, पारदर्शिता तथा नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।













