ध्रुव राठी ने सीजेपी से किया किनारा, बोले—पार्टी से मेरा कोई संबंध नहीं
चुनावी पारदर्शिता के समर्थन में व्यक्तिगत हैसियत से आंदोलन में शामिल होने की कही बात, एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची से नाम हटाने पर उठा चुके हैं सवाल

नई दिल्ली। मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका पार्टी से कोई आधिकारिक या संगठनात्मक संबंध नहीं है। राठी के मुताबिक, वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में केवल व्यक्तिगत हैसियत से और चुनावी पारदर्शिता के समर्थन में शामिल हुए थे।
जर्मनी में रहकर केंद्र सरकार की नीतियों पर वीडियो बनाने वाले ध्रुव राठी के सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और सौरव दास के साथ करीबी संबंधों की चर्चा होती रही है। इससे पहले नीट पेपर लीक विवाद के दौरान जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में भी राठी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से अभिजीत दीपके के संपर्क में नजर आए थे।
बेंगलुरु में एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए थे सवाल
विवाद की शुरुआत आठ अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित सीजेपी के धरने से हुई। इस प्रदर्शन में ध्रुव राठी भी शामिल हुए थे। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने की आशंका जताते हुए इसे वोट चोरी से जोड़ा था।
दिल्ली में प्रदर्शन का भी किया था समर्थन
बेंगलुरु के बाद राठी 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में भी शामिल होने की तैयारी में थे। इसके लिए वह राजधानी पहुंचे थे। शुक्रवार शाम इंडिया गेट से साझा किए गए वीडियो संदेश में उन्होंने आम नागरिकों से लोकतंत्र और मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी।
हालांकि, अब सीजेपी से अपने संबंधों को लेकर उन्होंने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उनके इस रुख से यह साफ है कि आंदोलन में उनकी भागीदारी को पार्टी से जुड़ाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने समर्थन को व्यक्तिगत बताते हुए संगठनात्मक संबंध से इनकार किया है।













