उत्तराखंड के राज्यपाल नियुक्त हुए डॉ. ढाल सिंह बिसेन, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का जताया आभार
चार बार विधायक रहे, मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और बालाघाट से लोकसभा सांसद के रूप में निभा चुके हैं जिम्मेदारी

सिवनी। उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद डॉ. ढाल सिंह बिसेन के सिवनी स्थित निवास पर मंगलवार सुबह से ही भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत कर नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। इस अवसर पर डॉ. बिसेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति, भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व, संगठन के पदाधिकारियों और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया।
डॉ. बिसेन ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का राज्यपाल बनाए जाने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देवों की भूमि कहा जाता है और वहां संवैधानिक दायित्व निभाते हुए देश की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने भरोसा जताया कि वह पूरी निष्ठा, लगन और जिम्मेदारी के साथ अपने पद का निर्वहन करेंगे।
नवरात्रि में मिली जिम्मेदारी से गौरवान्वित
राज्यपाल नियुक्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. बिसेन ने कहा कि इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के पीछे अनेक लोगों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सहयोग तथा स्नेह रहा है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व और संगठन के प्रति कृतज्ञता जताते हुए कहा कि भाजपा ने उन पर विश्वास जताया है और वह इस विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। नवरात्रि के दौरान मिली इस खबर को उन्होंने अपने लिए विशेष प्रसन्नता का अवसर बताया।
उनकी नियुक्ति की जानकारी सामने आने के बाद समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। निवास पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और नई संवैधानिक जिम्मेदारी के लिए बधाई दी।
चार बार विधायक, मध्य प्रदेश सरकार में रहे कैबिनेट मंत्री
14 मई 1952 को जन्मे डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया निवासी हैं। पेशे से चिकित्सक और कृषक रहे डॉ. बिसेन ने भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उनका राजनीतिक सफर वर्ष 1990 में मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए पहली बार निर्वाचित होने के साथ शुरू हुआ। इसके बाद वह 1993, 1998 और 2003 में भी विधायक चुने गए।
वर्ष 2003 में मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। इस दौरान उन्होंने वन, परिवहन, खनिज, स्कूल शिक्षा और जेल सहित विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली। मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने प्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बनाया।
राज्य वित्त आयोग से लोकसभा तक का सफर
डॉ. बिसेन ने वर्ष 2012 से 2013 तक मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इसके बाद वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बालाघाट संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मधु भगत को पराजित कर जीत दर्ज की और 17वीं लोकसभा के सदस्य बने।
सांसद के रूप में उन्होंने संसद की विभिन्न समितियों में भी जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2024 में उनका लोकसभा कार्यकाल समाप्त हुआ। इसके बाद 12 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति भवन से जारी घोषणा के अनुसार उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
अब उत्तराखंड में निभाएंगे संवैधानिक दायित्व
राज्यपाल के रूप में डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नई जिम्मेदारी उनके लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का अगला पड़ाव है। विधायक, कैबिनेट मंत्री, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद के रूप में काम कर चुके डॉ. बिसेन अब उत्तराखंड में संवैधानिक दायित्व निभाएंगे।
उनकी नियुक्ति के बाद सिवनी में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी व्यक्त की। डॉ. बिसेन ने सभी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह नई जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाएंगे और देश की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।













