किसान आंदोलन के बाद मध्य प्रदेश में 12 आईपीएस अधिकारियों के तबादले, 3 जिलों के एसपी बदले

भोपाल। मध्य प्रदेश में किसान आंदोलनों के बाद पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। गृह विभाग ने बुधवार देर रात 12 आईपीएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। इस फेरबदल में नर्मदापुरम, पन्ना और हरदा सहित कई जिलों के पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। कुछ अधिकारियों को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय और अन्य इकाइयों में नई पदस्थापना दी गई है।
जारी आदेश के अनुसार, बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन को भोपाल में पुलिस उपायुक्त (यातायात) बनाया गया है। नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक साईकृष्ण एस. थोटा को पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह उज्जैन स्थित 32वीं वाहिनी के कमांडेंट दीपक कुमार शुक्ला नर्मदापुरम के नए पुलिस अधीक्षक होंगे।
इंदौर में साइबर पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत सब्यसाची सराफ को पन्ना का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं, हरदा के पुलिस अधीक्षक शशांक को पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। पुलिस मुख्यालय और विशेष सशस्त्र बल की विभिन्न वाहिनियों में तैनात अधिकारियों के दायित्वों में भी बदलाव किया गया है।
किसान आंदोलन के बीच अधिकारियों के बदले गए दायित्व
नर्मदापुरम में किसान आंदोलन के दौरान हालात नियंत्रित करने को लेकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठे थे। इसके बाद राज्य सरकार ने कलेक्टर सोमेश मिश्रा को हटाया और अब पुलिस अधीक्षक साईकृष्ण एस. थोटा का भी तबादला कर दिया है।
इसी तरह, केन-बेतवा परियोजना के विरोध में किसानों के आंदोलन के बीच पन्ना की कलेक्टर उषा परमार को पहले ही हटाया जा चुका था। अब पन्ना की पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू का भी तबादला कर दिया गया है।
हरदा के पुलिस अधीक्षक शशांक को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। करीब 2 महीने पहले हरदा और नर्मदापुरम के किसानों ने प्रदर्शन करते हुए भोपाल तक मार्च किया था। किसानों के राजधानी पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हुआ था। इसके बाद संबंधित जिलों में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि, तबादलों के आदेश में सभी बदलावों के अलग-अलग कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।













