देश विदेशबड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़

संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी बिना शर्त माफी, 17 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से होना होगा पेश

नई दिल्ली। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत से संबंधित टिप्पणी वाली सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। राउत ने हलफनामा दाखिल कर कहा कि उनका इरादा न्यायपालिका का अपमान करने या उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने न्यायपालिका की गरिमा, स्वतंत्रता और अधिकारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया है।

हालांकि, माफीनामा दाखिल होने के बावजूद मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने राउत को 17 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत उनकी माफी और मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद ही तय करेगी कि माफीनामा स्वीकार किया जाए या आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए।

अल्बानिया के प्रदर्शन का वीडियो साझा करने से शुरू हुआ विवाद

यह मामला राउत की उस सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अल्बानिया में हुए हिंसक प्रदर्शनों का वीडियो साझा किया था। पोस्ट के साथ उन्होंने दावा किया था कि भ्रष्ट प्रधानमंत्रियों की मदद करने के आरोप में वहां लोगों ने सुप्रीम कोर्ट को आग के हवाले कर दिया और सरकारी इमारतों पर हमले किए। उन्होंने इस घटना से भारत सहित अन्य देशों को सबक लेने की बात भी कही थी।

इस पोस्ट के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। भारतीय जनता पार्टी ने राउत पर अराजकता फैलाने और न्यायपालिका को धमकाने जैसे आरोप लगाए। मामले में दिल्ली पुलिस के समक्ष शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।

17 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

राउत ने अपने हलफनामे में कहा है कि वह स्वेच्छा से बिना शर्त माफी मांग रहे हैं और न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने के महत्व को स्वीकार करते हैं। अब सुप्रीम कोर्ट उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति के दौरान माफीनामे पर विचार करेगा। अदालत के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा कि उनकी माफी स्वीकार की जाती है या मामले में आगे कार्रवाई जारी रहती है।

Author

Related Articles

Back to top button