भाई के नाम पर सेना में नौकरी, मौत के बाद फर्जी प्रमाण पत्र से निकालते रहे पेंशन; कटनी में एफआईआर
मृत्यु प्रमाण पत्र में हेराफेरी कर वर्ष 2019 से पेंशन लेने का आरोप, जिला अस्पताल के कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में सेना में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने और मृत्यु के बाद भी पेंशन की राशि निकालते रहने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपने भाई के दस्तावेजों पर सेना में नौकरी की थी। उसकी मृत्यु के बाद फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराकर पेंशन जारी कराई गई और लंबे समय तक राशि निकाली जाती रही। मामले का खुलासा होने के बाद स्लीमनाबाद पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के छोटी कारी पाथर निवासी जमुना प्रसाद हल्दकार पर आरोप है कि उसने अपने भाई बद्री प्रसाद के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सेना में नौकरी हासिल की थी। बताया गया है कि वर्ष 2018 में जमुना प्रसाद की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद बद्री प्रसाद के नाम से कटनी जिला अस्पताल का कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया गया।
इस प्रमाण पत्र के आधार पर वर्ष 2019 में भूरी बाई हल्दकार और बद्री प्रसाद के नाम से पेंशन शुरू कराई गई। पेंशन की राशि भारतीय स्टेट बैंक की स्लीमनाबाद शाखा में आने लगी। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर मनीषा हल्दकार के नाम पर दर्ज था। आरोप है कि मनीषा के पति सुनील हल्दकार इसी मोबाइल नंबर और बैंक खाते के माध्यम से लेनदेन करते थे।
पुलिस जांच में भूरी बाई हल्दकार, मनीषा हल्दकार, सुनील हल्दकार, प्रीति कुशवाहा, कुलदीप कुमार और दीपक कुशवाहा सहित जिला अस्पताल के कुछ कर्मचारियों तथा अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका सामने आई है। स्लीमनाबाद थाना प्रभारी विजय विश्वकर्मा के अनुसार, मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया की जांच कर रही है।













