पंजाब चुनाव 2027: आम आदमी पार्टी ने जारी की 40 उम्मीदवारों की पहली सूची, धुरी से चुनाव लड़ेंगे मुख्यमंत्री भगवंत मान नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने अन्य राजनीतिक दलों से पहले अपने 40 उम्मीदवारों की पहली आधिकारिक सूची जारी कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया। सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान का नाम भी शामिल है। वह अपनी पारंपरिक धुरी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे। उम्मीदवारों के चयन को लेकर दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। शुक्रवार को शुरू हुई इस बैठक में उम्मीदवारों के नामों और पंजाब के राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा की गई। शनिवार सुबह 11 बजे हुई बैठक के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान, पंजाब चुनाव प्रभारी मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और जैस्मीन शाह मौजूद रहे। वहीं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन केवल राजनीतिक समीकरणों के आधार पर नहीं किया गया है, बल्कि पार्टी ने आंतरिक सर्वेक्षण और जनता से मिले फीडबैक को प्राथमिकता दी है। जिन नेताओं की छवि ईमानदार और जनता के बीच सक्रिय पाई गई, उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने पिछले 5 वर्षों के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों, मुफ्त बिजली और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाएगी और काम के आधार पर समर्थन मांगेगी। इस दौरान भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के संभावित गठबंधन को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शून्य में शून्य जोड़ने या घटाने से परिणाम शून्य ही रहता है। उनके मुताबिक पंजाब की राजनीति में दोनों दलों की स्थिति ऐसी ही है। मान ने यह भी सवाल उठाया कि यदि दोनों दल गठबंधन करते हैं तो पंजाब को नशामुक्त बनाने के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया एक मंच पर कैसे खड़े होंगे। 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के साथ ही पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अब अन्य राजनीतिक दलों की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और चुनावी रणनीति पर भी नजर रहेगी।

नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने अन्य राजनीतिक दलों से पहले अपने 40 उम्मीदवारों की पहली आधिकारिक सूची जारी कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया। सूची में मुख्यमंत्री भगवंत मान का नाम भी शामिल है। वह अपनी पारंपरिक धुरी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरेंगे।
उम्मीदवारों के चयन को लेकर दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। शुक्रवार को शुरू हुई इस बैठक में उम्मीदवारों के नामों और पंजाब के राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा की गई। शनिवार सुबह 11 बजे हुई बैठक के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान, पंजाब चुनाव प्रभारी मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और जैस्मीन शाह मौजूद रहे। वहीं पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उम्मीदवारों का चयन केवल राजनीतिक समीकरणों के आधार पर नहीं किया गया है, बल्कि पार्टी ने आंतरिक सर्वेक्षण और जनता से मिले फीडबैक को प्राथमिकता दी है। जिन नेताओं की छवि ईमानदार और जनता के बीच सक्रिय पाई गई, उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अपने पिछले 5 वर्षों के कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों, मुफ्त बिजली और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाएगी और काम के आधार पर समर्थन मांगेगी।
इस दौरान भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के संभावित गठबंधन को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शून्य में शून्य जोड़ने या घटाने से परिणाम शून्य ही रहता है। उनके मुताबिक पंजाब की राजनीति में दोनों दलों की स्थिति ऐसी ही है। मान ने यह भी सवाल उठाया कि यदि दोनों दल गठबंधन करते हैं तो पंजाब को नशामुक्त बनाने के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया एक मंच पर कैसे खड़े होंगे।
40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के साथ ही पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 की राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अब अन्य राजनीतिक दलों की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और चुनावी रणनीति पर भी नजर रहेगी।













