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5 साल की देरी के बाद 2027 में होगी देश की जनगणना, 25 जनवरी से 28 फरवरी तक चलेगा अभियान, पूछे जाएंगे कई अहम सवाल

नई दिल्ली। देश में लंबे समय से प्रतीक्षित राष्ट्रीय जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। जारी जानकारी के अनुसार, देशभर में जनगणना का कार्य 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच कराया जाएगा। हालांकि, बर्फीले क्षेत्रों और आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों को प्रशासनिक एवं भौगोलिक परिस्थितियों के चलते इस समय-सीमा से अलग रखा गया है। जनगणना के दौरान नागरिकों से रोजगार, कारोबार, पलायन, जन्म, बच्चों, बैंक खातों और पहचान संबंधी कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जाएंगी।

भारत में जनगणना का आयोजन जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियम, 1990 के प्रावधानों के तहत किया जाता है। इस बार जनगणना में पूछे जाने वाले सवालों की सूची भी जारी की गई है।

जनगणना में पूछे जाएंगे ये महत्वपूर्ण सवाल

जनगणना के दौरान लोगों से उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र में काम के प्रकार, कामगार की श्रेणी, रोजगार की स्थिति, काम की तलाश और कार्यस्थल तक पहुंचने के साधन एवं दूरी की जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा जन्म स्थान, पूर्व निवास स्थान, पलायन का कारण, वर्तमान स्थान पर रहने की अवधि और स्थायी पते से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।

महिलाओं से संबंधित जानकारी में वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या, अब तक जीवित पैदा हुए कुल बच्चों और पिछले एक वर्ष में जन्मे जीवित बच्चों का विवरण शामिल होगा। कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित जानकारी भी मांगी जाएगी।

इसके साथ ही बैंक खातों की संख्या, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता से जुड़े सवाल भी सूची में शामिल हैं। आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट नंबर जैसी जानकारियां उपलब्ध होने की स्थिति में ली जाएंगी।

2021 में होनी थी जनगणना, कोरोना के कारण टली

देश में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में दो चरणों में पूरी हुई थी। इसके बाद अगली जनगणना वर्ष 2021 में प्रस्तावित थी। इसके लिए पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2020 और दूसरा चरण फरवरी 2021 में आयोजित किया जाना था। सरकार ने इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी थीं और 1 अप्रैल 2020 से जमीनी स्तर पर काम शुरू होना था।

इसी दौरान देश में कोरोना महामारी फैल गई। संक्रमण के व्यापक खतरे और प्रशासनिक परिस्थितियों को देखते हुए जनगणना की पूरी प्रक्रिया अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके चलते निर्धारित समय पर जनगणना नहीं हो सकी।

अब करीब 5 साल की देरी के बाद वर्ष 2027 में जनगणना कराने की तैयारी है। इस जनगणना से देश की आबादी, रोजगार, सामाजिक और आर्थिक स्थिति तथा आवासीय एवं प्रवास संबंधी परिस्थितियों का नया आंकड़ा सामने आने की उम्मीद है।

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