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बिना लाइसेंस बाइक चलाने पर 5 साल की जेल, पिता को भी 3 महीने की सजा

 

भिलाई। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बाइक चलाने से हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत के मामले में दुर्ग की सत्र अदालत ने बाइक चालक को 5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, नाबालिग नहीं बल्कि बिना लाइसेंस वाले बेटे को बाइक चलाने देने पर उसके पिता को भी 3 महीने के साधारण कारावास से दंडित किया गया है। सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की अदालत ने यह फैसला सुनाया।

मामला 4 अगस्त 2025 की रात करीब 8:30 बजे का है। स्मृतिनगर चौकी क्षेत्र के कोहका स्थित इंदु आईटी स्कूल के पास मोहित कुमार बघेल (19) अपने दोस्त वासुदेव ठाकुर के साथ बाइक से जा रहा था। आरोप के मुताबिक तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण बाइक अनियंत्रित होकर सामने से आ रही एक्टिवा से टकरा गई।

हादसे में एक्टिवा सवार शादान अली (23) गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद उत्तम कुमार पांडेय भी गंभीर रूप से घायल हुए। पुलिस जांच में बाइक चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं पाया गया।

अदालत में यह भी साबित हुआ कि मोहित के पिता मोहन लाल (54) ने उसे बिना लाइसेंस बाइक चलाने के लिए दी थी। इसी आधार पर अदालत ने बेटे को 5 साल का सश्रम कारावास और पिता को 3 महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई। मामले में लोक अभियोजक द्रोण ताम्रकार ने पैरवी की।

अदालत के इस फैसले से अभिभावकों को भी यह संदेश मिला है कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के किसी को वाहन चलाने देना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

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