इंडिया ब्लॉक की रैली के जवाब में भाजपा का देशव्यापी प्रदर्शन, ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च निकाला

नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की रैली के बीच भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को देश के कई राज्यों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च निकाला। भाजपा ने इन प्रदर्शनों के जरिए विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाने और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। वहीं, इंडिया ब्लॉक की रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कथित चुनावी अनियमितताओं का मुद्दा उठाया गया।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भाजपा के विरोध मार्च का नेतृत्व किया। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस जिन राज्यों में चुनाव जीतती है, वहां चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाती, जबकि भाजपा की जीत पर अनियमितताओं के आरोप लगाती है। सरमा ने राहुल गांधी के सांसद पद से इस्तीफे की मांग भी की। उनके साथ भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर भी पदयात्रा में शामिल हुए।
हरियाणा के रोहतक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में मार्च निकाला गया। वहीं महाराष्ट्र के ठाणे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। शिंदे ने विपक्ष पर सरकार के कामकाज को लेकर ईर्ष्या करने और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं संविधान की नींव हैं और उन्हें कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ मार्च निकाला गया है। शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने भी इंडिया ब्लॉक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राजनीतिक रणनीति अपनाने और जनादेश को स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया।
इस तरह 1 नवंबर को दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की रैली और भाजपा के देशव्यापी मार्च के जरिए दोनों पक्षों ने चुनावी प्रक्रिया तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए।













