एनसीएल में धूमधाम से मनाया गया कोल इंडिया का 52वां स्थापना दिवस, सुरक्षित खनन के साथ उत्पादन वृद्धि प्राथमिकता

सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) में रविवार को होल्डिंग कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड का 52वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर एनसीएल मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर कोयला उद्योग के श्रमवीरों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।

इस दौरान एनसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) मनीष कुमार, निदेशक (तकनीकी/संचालन) आशुतोष द्विवेदी, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) संजय कुमार मिश्रा तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय कुमार जायसवाल सहित कंपनी के महाप्रबंधक और विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।कार्यक्रम में सीएमएस से अजय कुमार, बीएमएस से नीतीश कुमार और एचएमएस से अशोक कुमार पाण्डेय सहित विभिन्न श्रमिक संघों एवं एसोसिएशनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
अपने संबोधन में एनसीएल सीएमडी एन. फ्रैंकलिन जयकुमार ने कोल इंडिया के 52वें स्थापना दिवस पर सभी कर्मचारियों और हितग्राहियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में स्थापना के बाद से कोल इंडिया देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वर्तमान वैश्विक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में ऊर्जा क्षेत्र का महत्व और बढ़ गया है।
उन्होंने बताया कि एनसीएल के कोयले से देश की 9.2 प्रतिशत बिजली का उत्पादन होता है। ऐसे में कंपनी की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर उत्पादन क्षमता बढ़ाने, संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने और सुरक्षित खनन पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।
सीएमडी ने परिचालन दक्षता में सुधार, गुणवत्तायुक्त कोयले का समयबद्ध एवं निर्बाध प्रेषण तथा व्यावसायिक विविधीकरण को कंपनी की प्राथमिकता बताया। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर भी जोर दिया।एनसीएल की सभी परियोजनाओं और इकाइयों में भी कोल इंडिया का 52वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।













