वंदे भारत से सूरत का धड़कता दिल पहुंचा अहमदाबाद, रेलवे ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर

अहमदाबाद। भारतीय रेलवे ने एक बार फिर जीवन बचाने की मुहिम में अहम भूमिका निभाई। रविवार को वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए सूरत से अहमदाबाद तक एक धड़कते दिल का त्वरित परिवहन किया गया। इसके लिए रेलवे ने विशेष व्यवस्था करते हुए चिकित्सा टीम को सूरत स्टेशन से मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच नंबर सी-12 में सवार कराया। दिल को सूरत के न्यू सिविल हॉस्पिटल से अहमदाबाद पहुंचाया गया।
स्टेशन से अस्पताल तक बनाया ग्रीन कॉरिडोर
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद दिल को प्लेटफॉर्म नंबर-1 से यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इस व्यवस्था में रेलवे के वाणिज्य विभाग, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और राज्य पुलिस ने आपसी समन्वय के साथ सहयोग किया। इसके चलते दिल को कम से कम समय में अस्पताल पहुंचाना संभव हो सका।
अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने बताया कि धड़कते दिल के त्वरित और सुरक्षित परिवहन के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस का उपयोग करने का यह तीसरा अवसर है।
अंग प्रत्यारोपण में समय की अहम भूमिका
हृदय प्रत्यारोपण के लिए डोनर का दिल निर्धारित समय सीमा के भीतर मरीज तक पहुंचाना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में तेज और समयबद्ध रेल सेवा जीवन बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए रेलवे ने अस्पतालों, चिकित्सा टीम, राज्य पुलिस और रेलवे अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया।













