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देवसर की 13 ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों की जांच अधर में, एक माह बाद भी नहीं आई रिपोर्ट

 

सिंगरौली। जिले के देवसर जनपद पंचायत क्षेत्र की 13 ग्राम पंचायतों में पिछले 4 वर्षों के दौरान कराए गए निर्माण कार्यों में वित्तीय और भौतिक अनियमितताओं की शिकायत के बाद गठित जांच दल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी आईएएस सौम्या मिश्रा ने 30 सितंबर 2026 को जांच के आदेश जारी कर 7 दिनों के भीतर जियोटैग फोटोग्राफ और स्पष्ट अभिमत के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है।

ग्राम सुपेला निवासी प्रवेश कुमार तिवारी ने देवसर जनपद की 13 ग्राम पंचायतों में हुए निर्माण कार्यों में कथित वित्तीय और भौतिक गड़बड़ियों की शिकायत की थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आदेश क्रमांक 3675 के तहत 4 सदस्यीय जांच दल गठित किया गया था। इसमें सहायक यंत्री संतोष कोल, प्रभारी बीपीओ राजेन्द्र द्विवेदी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी शशीकान्त तिवारी और उपयंत्री अभिषेक विश्वकर्मा को शामिल किया गया।

निर्धारित समय-सीमा में जांच पूरी नहीं होने के बाद टीम ने 8 अक्टूबर को केवल ग्राम पंचायत ढोंगा का निरीक्षण किया। इसके बाद 15 अक्टूबर को पत्र लिखकर सीमित कर्मचारियों का हवाला देते हुए अतिरिक्त अमले की मांग की गई। इस देरी के चलते शिकायत में उठाए गए सवालों का अब तक स्पष्ट जवाब सामने नहीं आ सका है।

शिकायत में नौढ़िया, इंटार, जियावन, झखरवाल, धनहा, ढोंगा, जोगिनी, सरौंधा, अंतरवा, चरकी, कारी, पुरवा और बूढ़ाडांड ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों की जांच की मांग की गई है। इनमें चेकडैम, पुलिया, ग्रेवल रोड और सीसी रोड जैसे कार्य शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने इन कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल, फर्जी मूल्यांकन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच में हो रही देरी से अनियमितताओं की निष्पक्ष पड़ताल प्रभावित हो सकती है। अब सवाल यह है कि 7 दिनों में रिपोर्ट देने के आदेश के बावजूद जांच पूरी क्यों नहीं हुई और शेष 12 पंचायतों का निरीक्षण कब किया जाएगा। प्रशासन से जांच शीघ्र पूरी कर निष्पक्ष रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठ रही है।

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