एक माह के नवजात को मिला सुरक्षित आश्रय, बाल कल्याण समिति ने सतना के मातृ छाया सदन भेजकर कराई व्यवस्था

सिंगरौली। मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल पेश करते हुए बाल कल्याण समिति जिला सिंगरौली ने एक माह के अज्ञात नवजात बालक को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया है। चितरंगी थाना क्षेत्र से प्राप्त इस नवजात को जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न के एसएनसीयू/एनआरसी में प्रारंभिक चिकित्सकीय देखरेख के बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर सेवा भारती मातृ छाया सदन, उतैली सतना भेजा गया है। वहां शिशु की देखभाल, लालन-पालन और संरक्षण की व्यवस्था की गई है।इस पूरे मामले में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा बाल संरक्षण इकाई ने बाल कल्याण समिति के साथ समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई की। सभी विभागों की तत्परता से नवजात को सुरक्षित वातावरण और बेहतर भविष्य की दिशा में एक नई उम्मीद मिली है।
मातृ छाया सदन में मिलेगा आश्रय और परिवार
सेवा भारती द्वारा संचालित मातृ छाया सदन सतना विंध्य क्षेत्र का प्रमुख शिशु गृह है। यहां जन्म से लेकर 6 वर्ष तक के बेसहारा, अज्ञात और अनाथ बच्चों को आश्रय, चिकित्सा, शिक्षा, पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। संस्था द्वारा अब तक लगभग 215 से अधिक बच्चों को संरक्षण देने के साथ विधिक दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के माध्यम से भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय परिवारों तक पहुंचाने का कार्य किया जा चुका है। यहां बच्चों की देखभाल के लिए चिकित्सकीय सुविधाएं, महिला सहायिकाएं और आउटडोर खेल की व्यवस्थाएं भी उपलब्ध हैं।बाल कल्याण समिति सिंगरौली द्वारा नवजात के संरक्षण और देखभाल के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। नियमानुसार माता-पिता अथवा अभिभावकों की जानकारी प्राप्त नहीं होने की स्थिति में बच्चे के दीर्घकालीन संरक्षण और पुनर्वास की जिम्मेदारी मातृ छाया सदन के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही विधिवत दत्तक ग्रहण की कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।
कई विभागों के अधिकारियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस मानवीय और संवेदनशील कार्य में बाल कल्याण समिति जिला सिंगरौली के अध्यक्ष डॉ. आरडी पाण्डेय, सदस्य देवधर शर्मा, श्रीमती पूनम मिश्रा, श्रीमती पूनम त्रिपाठी एवं श्रीमती रीना सिंह की प्रमुख भूमिका रही।इसके अलावा महिला एवं बाल विकास अधिकारी शैलेन्द्र साकेत, बाल संरक्षण अधिकारी नीरज शर्मा, पॉक्सो सपोर्ट पर्सन विनोद सिंह, कार्यालय प्रभारी सीमा सिंह, विशेष किशोर पुलिस इकाई प्रभारी अशोक सिंह तोमर, रक्षित निरीक्षक केशव सिंह, सिविल सर्जन डॉ. कल्पना रवि, श्रवण पटेल, इंद्रावती विश्वकर्मा, सुनीता पटेल तथा नर्सिंग स्टाफ से अंजू दुबे, सुलोचनी शाह और रितेश सिंह उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए नवजात को सुरक्षित रूप से संरक्षण केंद्र पहुंचाने में सहयोग किया।यह पहल इस बात का संदेश देती है कि बेसहारा और माता-पिता से वंचित बच्चों को सुरक्षित बचपन देना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का नैतिक दायित्व है। विभिन्न विभागों और सामाजिक संस्थाओं के सामूहिक प्रयास से ऐसे बच्चों को नया जीवन, आश्रय और परिवार मिलने की उम्मीद मजबूत होती है।













