बैगा विकास प्राधिकरण की मांग राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग तक पहुंची, सिंगरौली-सीधी को शामिल कराने का मिला आश्वासन

सिंगरौली। सिंगरौली और सीधी जिले में बैगा विकास प्राधिकरण लागू कराने की मांग को लेकर बैगा समाज संघ मध्यप्रदेश ने अपनी आवाज राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग तक पहुंचाई है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के सदस्य एवं सलाहकार प्रकाश उइके से सीधी रेस्ट हाउस में मुलाकात कर बैगा समाज की समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बैगा विकास प्राधिकरण का लाभ सिंगरौली एवं सीधी जिले के बैगा जनजाति के परिवारों तक पहुंचाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इस संबंध में विभिन्न स्तरों पर प्रयास भी किए गए, लेकिन अब तक दोनों जिलों को प्राधिकरण में शामिल किए जाने की मांग पूरी नहीं हो सकी है। इसके चलते क्षेत्र के बैगा परिवारों को विकास योजनाओं का समुचित लाभ मिलने की उम्मीद अधूरी बनी हुई है।
प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए सिंगरौली और सीधी जिलों को बैगा विकास प्राधिकरण में शामिल कराने की मांग रखी। इस पर प्रकाश उइके ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे मुख्य सचिव, जनजातीय कार्य विभाग के सचिव सहित संबंधित अधिकारियों से इस मामले में जवाब तलब करेंगे। साथ ही दोनों जिलों को बैगा विकास प्राधिकरण में शामिल कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
बैगा समाज संघ मध्यप्रदेश ने प्रकाश उइके के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज की मांगों और अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। संघ का कहना है कि बैगा समाज के पात्र परिवारों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए और सिंगरौली-सीधी में बैगा विकास प्राधिकरण लागू किया जाना चाहिए।











