राहुल गांधी पर योगी का तंज—‘फुस्स रॉकेट’, अखिलेश को बताया हार का बहाना बनाने वाला नेता

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। राहुल गांधी को ‘फुस्स रॉकेट’ बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस उन्हें कितनी भी बार लॉन्च कर ले, अब उनका बारूद खत्म हो चुका है। वहीं, अखिलेश यादव के बदला लेने संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए योगी ने कहा कि लोकतंत्र में बदला नहीं, जनता बदलाव करती है।
मुख्यमंत्री महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में भाजपा की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का स्वागत किया और कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला गोरखपुर दौरा है। उन्होंने पदयात्रा को लोकतंत्र मजबूत करने और अराजकता के खिलाफ जनजागरण का अभियान बताया।
अखिलेश के बयान पर किया पलटवार
योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने अगली पीढ़ी द्वारा हर लाठी और हर जख्म का बदला लेने की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा अध्यक्ष को समझना चाहिए कि लोकतंत्र में बदला नहीं, जनता बदलाव करती है। उन्होंने वर्ष 2014 के लोकसभा और 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने अपने मताधिकार से बदलाव करके दिखाया है।
राहुल गांधी की राजनीतिक लॉन्चिंग पर कसा तंज
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली पर कुछ रॉकेट ऐसे होते हैं, जिनमें बत्ती लगाने के बाद लोग आसमान की ओर देखते रह जाते हैं, लेकिन वे उड़ने के बजाय वहीं धुआं छोड़कर बुझ जाते हैं। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस ने उन्हें अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी देकर कई बार आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन चुनावी नतीजे पार्टी की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे।
योगी ने राहुल गांधी की उम्र और कांग्रेस में उनकी भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 56 वर्ष के हो चुके हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए अब भी युवा नेता हैं। मुख्यमंत्री ने भारत जोड़ो यात्रा, न्याय यात्रा और अधिकार यात्रा का जिक्र करते हुए भी कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा।
SIR के विरोध पर कांग्रेस से पूछे सवाल
मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को घेरा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1952, 1962 और 2003 सहित अलग-अलग समय पर मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया गया है। योगी ने सवाल उठाया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची से कथित विदेशी घुसपैठियों और मृत व्यक्तियों के नाम हटाने की प्रक्रिया पर कांग्रेस को आपत्ति क्यों है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है।
उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव की तुलना ऐसे विद्यार्थियों से की, जो बार-बार परीक्षा में असफल होने के बाद अपनी गलतियां स्वीकार करने के बजाय अलग-अलग बहाने बनाते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने पर विपक्षी दल इसका श्रेय खुद लेते हैं, जबकि हारने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाते हैं।
कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन और आपातकाल का किया उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस के लोकसभा चुनावों में प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी को 2014 में 44, 2019 में 52 और 2024 में 99 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अकेले 240 सीटें हासिल कीं। उन्होंने बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर आत्ममंथन नहीं करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 1975 के आपातकाल और 1984 की सिख विरोधी हिंसा का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से माफी मांगने का सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बात करने वाली पार्टी को अपने अतीत की घटनाओं पर भी जवाब देना चाहिए।
योगी ने वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए सपा सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उस दौर में प्रदेश में 1,500 से अधिक दंगे हुए और त्योहारों के दौरान कर्फ्यू लगना आम बात थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की पदयात्रा लोकतंत्र को मजबूत करने और विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का अभियान है।












