एसपी कार्यालय के आगे ही मॉडल सड़क की गुणवत्ता पर सवाल, सैंपल जांच से खुलेगी निर्माण की पोल
माजन मोड़ से इंद्रा चौक तक बन रही सड़क में थिकनेस और डामर की परत पर उठे सवाल, आयुक्त ने दी एफआईआर की चेतावनी

सिंगरौली। माजन मोड़ से इंद्रा चौक तक निर्माणाधीन मॉडल सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप है कि एसपी कार्यालय के आगे सड़क की मोटाई और डामर की परत में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है। जिस सड़क को शहर के विकास की पहचान के रूप में तैयार किया जा रहा है, उसी के निर्माण पर गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
डामर कार्य के जानकारों ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों के अनुरूप डामर और गिट्टी की परत नहीं बिछाई जा रही है। उनके मुताबिक, शुरुआती हिस्से में निर्माण कार्य अपेक्षाकृत बेहतर दिखाई दिया, लेकिन एसपी कार्यालय के आगे गुणवत्ता में कथित गिरावट नजर आ रही है। ऐसे में सड़क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए निर्माण स्थल से नमूने लेकर निष्पक्ष तकनीकी जांच कराना जरूरी बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने भी निर्माण कार्य पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में गुणवत्ता के साथ समझौता हुआ, तो सड़क अधिक समय तक टिकाऊ नहीं रह पाएगी। लोगों ने सवाल उठाया है कि मॉडल सड़क के निर्माण के दौरान मानकों की निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण किस स्तर पर किया जा रहा है।
आयुक्त सख्त, गड़बड़ी मिलने पर एफआईआर
मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तकनीकी जांच में निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, तो संबंधित संविदाकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
आयुक्त ने निगम के तकनीकी विभाग को निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करने तथा प्रतिदिन की प्रगति और गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब सड़क के नमूनों की तकनीकी जांच और उसकी रिपोर्ट का इंतजार है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर यह मामला केवल निर्माण की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी धन के उपयोग और जनहित के प्रति जवाबदेही का भी बड़ा सवाल बनेगा।













