मध्य प्रदेशसिंगरौली

झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से 6 साल के बच्चे की हालत गंभीर

सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र में एक झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से 6 साल के बच्चे की हालत गंभीर हो गई। झारा गांव निवासी विमलावती साहू ने बताया कि उनका बच्चा 4 नवंबर को घर पर खेलते समय गिर गया, जिससे उसके दाहिने हाथ में चोट और सूजन हो गई। उन्होंने बच्चे को झांझोपानी में इलाज कर रहे डॉक्टर रामनेश साहू के पास ले जाया।

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने बिना एक्स-रे कराए ही बच्चे के हाथ में पक्का प्लास्टर बांध दिया। प्लास्टर लगाने के बाद हाथ में सूजन और दर्द बढ़ गया, लेकिन डॉक्टर ने पहली और दूसरी बार आने पर प्लास्टर खोलने की सलाह नहीं दी। जब बच्चा तीसरी बार गया, तब डॉक्टर ने उसे किसी अन्य अस्पताल में प्लास्टर कटवाने की बात कही।
प्लास्टर कटने पर बच्चे के हाथ में फफोले पाए गए। डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए बच्चे को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है। विमलावती साहू ने प्रशासन से मांग की है कि बिना योग्यता के इलाज कर रहे इस झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत मिलने पर बच्चे को तुरंत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की पूरी जांच करने के निर्देश स्वास्थ्य अमले को दे दिए गए हैं। यदि डॉक्टर के पास मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं पाई जाती है, तो उसके खिलाफ थाना में मामला दर्ज किया जाएगा।

इस घटना ने स्थानीय लोगों में चिंता और गुस्सा पैदा कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना प्रमाणित योग्यता के इलाज करना गंभीर लापरवाही है और इससे मरीज की जान खतरे में पड़ सकती है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करने की बात कही है।

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