चितरंगी में सिविल कोर्ट की मांग को लेकर अधिवक्ता संघ का अनिश्चितकालीन अनशन जारी
दूसरे दिन भी क्रमिक धरना, सरकार से शीघ्र निर्णय की अपील

सिंगरौली। सिविल न्यायालय की स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ता संघ चितरंगी का अनिश्चितकालीन अनशन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक सरकार इस महत्वपूर्ण मांग पर ठोस निर्णय नहीं लेती, उनका आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
गौरतलब है कि हाई कोर्ट जबलपुर ने 31 जुलाई 2024 को राज्य शासन को पत्र भेजकर चितरंगी में सिविल कोर्ट के संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाने की अनुशंसा की थी, लेकिन बजट उपलब्ध न होने के कारण मामला अब तक लंबित है। इस देरी से नाराज़ अधिवक्ता संघ ने 8 दिसंबर से अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू किया है।अनशन का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बी.पी. सिंह और उपाध्यक्ष सुरेश चंद्र पांडेय ने कहा कि सिविल कोर्ट का संचालन चितरंगी क्षेत्र के हजारों लोगों की लंबित न्यायिक जरूरतों को पूरा करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार यदि जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
दूसरे दिन क्रमिक अनशन में सुरेश चंद्र पांडेय के नेतृत्व में विनोद सिंह चौहान, अरुण तिवारी, अनिल पाठक, बी.पी. सिंह, मनोज सिंह, ललन सिंह, शेषमणि शर्मा, श्रीकांत मिश्रा, अनिल धर द्विवेदी, शत्रुघ्न धर द्विवेदी, रामपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, अखिलेश द्विवेदी, प्रदीप धर द्विवेदी, पुष्पराज सिंह चंदेल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई है कि शासन जल्द ही इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाएगा और चितरंगी को लंबे समय से लंबित सिविल कोर्ट की सौगात मिलेगी।













