लोकसभा में ‘विकसित भारत–जी रैम जी’ विधेयक पर 14 घंटे की बहस, नाम बदलने को लेकर विपक्ष का हंगामा

नई दिल्ली। लोकसभा में बुधवार को विकसित भारत–जी रैम जी (ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन) संशोधन विधेयक पर करीब 14 घंटे तक मैराथन बहस चली। चर्चा में 98 सांसदों ने भाग लिया। विपक्ष ने विधेयक को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजने की मांग की, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा ने इसे 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम बताया। कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को बहस का जवाब देंगे।
विधेयक में मनरेगा के नाम में बदलाव को लेकर विपक्ष आक्रामक दिखा। इंडिया गठबंधन के दलों ने गुरुवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि यदि नाम बदलना ही था तो इसे डॉ. आंबेडकर के नाम पर किया जा सकता था। आरएसपी सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने इसे मोदी सरकार के पतन की शुरुआत बताया।
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर और निशिकांत दुबे ने विधेयक का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और कमजोर क्रियान्वयन का आरोप लगाया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार नामकरण नहीं, बल्कि डिलीवरी पर फोकस करती है। वहीं कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने विधेयक को स्टैंडिंग कमेटी को भेजने की मांग दोहराई।













