तेलंगाना में दलबदल विवाद पर बड़ा फैसला: 5 विधायकों को राहत, बीआरएस भड़की

हैदराबाद। तेलंगाना की राजनीति में दलबदल को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई ने नया मोड़ ले लिया है। विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के पांच विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं को खारिज कर दिया। इस फैसले से कांग्रेस में शामिल हुए इन विधायकों को बड़ी राहत मिली है, जबकि विपक्षी बीआरएस में नाराजगी फैल गई है।
राहत पाने वाले विधायकों में भद्राचलम से तल्लम वेंकट राव, गडवाल से बंदला कृष्ण मोहन रेड्डी, राजेंद्रनगर से टी. प्रकाश गौड़, पाटनचेरु से गुडेम महिपाल रेड्डी और सेरिलिंगमपल्ली से आरेकापुडी गांधी शामिल हैं। ये सभी 2023 विधानसभा चुनाव के बाद बीआरएस छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। बीआरएस ने इसे दलबदल कानून का उल्लंघन बताते हुए सदस्यता रद्द करने की मांग की थी।
अध्यक्ष ने अपने आदेश में कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस सबूत पेश नहीं किए गए। इस पर बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने फैसले को “लोकतंत्र के साथ क्रूर मजाक” बताते हुए निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला कांग्रेस के लिए संख्यात्मक मजबूती की दृष्टि से अहम है, जबकि बीआरएस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें शेष विधायकों और संभावित न्यायिक चुनौती पर टिकी हैं।













