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वार्ड 34 उपचुनाव: तीन प्रत्याशियों ने दाखिल किए नामांकन, आचार संहिता उल्लंघन को लेकर सियासी घमासान

सिंगरौली। नगर निगम सिंगरौली के वार्ड नंबर 34 में पार्षद पद के लिए हो रहे उपचुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार को पूरी हो गई। नामांकन के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इस उपचुनाव में कुल तीन प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मतदान 1 जनवरी को होगा, जबकि मतगणना 3 जनवरी को कराई जाएगी।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया। कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी के नामांकन के समय कलेक्ट्रेट परिसर में अधिक भीड़ जुटने का आरोप लगाते हुए इसे निर्वाचन नियमों के खिलाफ बताया। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

भारतीय जनता पार्टी ने अशोक सिंह को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। अशोक सिंह इसी वार्ड की पूर्व पार्षद पूनम सिंह के पति हैं। करीब एक माह पूर्व पूनम सिंह का हृदयाघात से निधन हो गया था, जिसके बाद वार्ड 34 का पार्षद पद रिक्त हुआ और उपचुनाव की स्थिति बनी।
भाजपा प्रत्याशी के नामांकन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह, सिंगरौली विधायक तथा देवसर विधायक भी उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं की भीड़ के कारण रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।

कांग्रेस शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि नामांकन के दौरान भाजपा के कई कार्यकर्ता रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष तक पहुंच गए, जबकि नियमों के अनुसार सीमित संख्या में ही लोगों को प्रवेश की अनुमति होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं और प्रशासन को मामले का संज्ञान लेना चाहिए।वहीं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि भाजपा ने पूरी तरह नियमों का पालन करते हुए नामांकन किया है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता उत्साह में जरूर पहुंचे थे, लेकिन जानबूझकर किसी भी प्रकार का नियम उल्लंघन नहीं किया गया। मंत्री ने दावा किया कि वार्ड 34 का उपचुनाव भाजपा भारी मतों से जीतेगी। अब सभी की निगाहें 1 जनवरी को होने वाले मतदान और 3 जनवरी को आने वाले नतीजों पर टिकी हुई हैं।

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