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प्रभारी मंत्री से नहीं मिल सका पीड़ित आदिवासी, कलेक्ट्रेट में लगाता रहा न्याय की गुहार

सिंगरौली। सिंगरौली जिले के ग्राम पंचायत गोभा निवासी आदिवासी बैगा समुदाय के लालजी बैगा के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। शनिवार रात जिले के दौरे पर आई प्रभारी मंत्री संपत्तिया उईके से शिकायत करने लालजी बैगा कलेक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन उन्हें मंत्री से मिलने नहीं दिया गया।

पीड़ित लालजी बैगा ने बताया कि वह शाम करीब 5 बजे से रात 8 बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद रहे, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा का हवाला देकर उन्हें प्रभारी मंत्री से मिलने से रोक दिया। लालजी का कहना है कि वह अपने साथ हुई मारपीट की पूरी घटना और न्याय की मांग सीधे मंत्री के सामने रखना चाहते थे, लेकिन उनकी बात सुनी ही नहीं गई।लालजी बैगा के अनुसार 9 दिसंबर को वन विभाग के कर्मचारी सुनील कुमार बुनकर ने जंगल की जमीन पर खेती करने से मना किया था। इसके बाद उन्हें वन चौकी ले जाकर एक बंद कमरे में कथित तौर पर पीटा गया। इस घटना में उनका एक हाथ फ्रैक्चर हो गया, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं।यह मामला 18 दिसंबर को सामने आया था।

 

आरोप है कि वन भूमि पर खेती को लेकर हुए विवाद में वनकर्मी ने उनके साथ मारपीट की। आरोपी वनकर्मी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किए जाने की बात कही गई है। इसके अगले दिन 19 दिसंबर को जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस नेताओं ने गोभा चौकी में प्रदर्शन कर प्रकरण दर्ज कराने की मांग की थी। इसी दौरान आरोपी वनकर्मी नशे की हालत में चौकी पहुंच गया, जिसे पुलिस ने वहां से हटा दिया।पीड़ित आदिवासी का आरोप है कि घटना के बाद से वह लगातार थानों और अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसके मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। वहीं वन विभाग के एसडीओ एनके त्रिपाठी ने मारपीट की घटना से इनकार किया है, जबकि सीएसपी पीएस परस्ते के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित ने प्रशासन से दोषी वनकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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