मध्य प्रदेश में SIR ड्राफ्ट जारी, गोविंदपुरा विधानसभा से सबसे ज्यादा 97 हजार मतदाता कटे

भोपाल। मध्य प्रदेश में SIR (Summary Revision of Electoral Rolls) का ड्राफ्ट जारी होने के बाद स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश की कौन-सी विधानसभा सीटों से सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इस सूची में भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा सीट सबसे ऊपर है, जहां से 97,052 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
गोविंदपुरा विधानसभा सीट पर बीजेपी का लगातार जीत का रिकॉर्ड रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर भी इस सीट से चुनाव जीतते रहे हैं, जबकि वर्तमान में यहां उनकी पुत्रवधु और मंत्री कृष्णा गौर का क्षेत्र है।
एसआईआर ड्राफ्ट के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों में से 23 सीटों पर सबसे ज्यादा नाम हटाए गए। इन 23 सीटों पर कुल 13,96,648 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इन 23 सीटों में से 18 सीटें बीजेपी विधायक और मंत्रियों की हैं, जिनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित 5 मंत्री शामिल हैं।
भोपाल की नरेला विधानसभा सीट से विश्वास सारंग मंत्री हैं, यहां से 81,235 मतदाताओं के नाम हटाए गए। इंदौर की इंदौर 5 नंबर सीट से बीजेपी विधायक महेन्द्र हार्डिया के क्षेत्र से 87,591 नाम कटे। इंदौर 1 से कैलाश विजयवर्गीय मंत्री हैं, यहां से 75,014 नाम हटा। ग्वालियर की विधानसभा सीट से प्रद्युम्न सिंह मंत्री हैं, यहां 55,653 मतदाता सूची से हटाए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विधानसभा सीट से 37,728 नाम हटाए गए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की राउ सीट से 54,415 नाम कटे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की छिंदवाड़ा सीट से 21,981 मतदाताओं के नाम हटाए गए। कांग्रेस विधायक और विपक्षी नेता उमंग सिंघार की गंधवानी सीट से 14,712 नाम हटे।
एसआईआर ड्राफ्ट से कुल 42,74,000 लोगों के नाम पर संशोधन हुआ है। इस प्रक्रिया के बाद विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची अधिक सटीक और अद्यतन होगी, जिससे आगामी चुनावों में पारदर्शिता बढ़ेगी।













