पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने मध्य प्रदेश सरकार की 2 साल की उपलब्धियों पर उठाए सवाल

भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकार अपनी 2 साल की उपलब्धियों और आगामी 3 साल की कार्ययोजना पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सरकार की उपलब्धियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनता के साथ न्याय करने और योजनाओं का लाभ पहुँचाने में विफल रही है।
आजिविका मिशन में बड़े गड़बड़ी के आरोप
कमलेश्वर पटेल ने कहा कि एक साल पहले प्रदेश में मध्य प्रदेश आजीविका मिशन में 5.04 लाख समूह थे, लेकिन जब इन्हें आधार से लिंक किया गया तो 40 हजार समूह और 6 लाख महिलाएं गायब हो गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई आजीविका दीदियों ने आवाज उठाई तो उन्हें बाहर कर दिया गया। कई प्लांट, जैसे अगरबत्ती और चिक्की निर्माण के लिए लोन लेकर शुरू किए गए, आज बंद पड़े हैं।
केन्द्र सरकार द्वारा फंड नहीं जारी करने का आरोप
पूर्व मंत्री ने बताया कि रिवाल्विंग फंड के लिए मध्य प्रदेश को 146 करोड़ रुपए मिलने थे, लेकिन अब तक कोई पैसा नहीं आया, जबकि बिहार में 900 करोड़ रुपए दिए गए। उनका कहना था कि केंद्र चुनावी क्षेत्रों में ज्यादा फंड जारी करता है, जबकि प्रदेश के लिए धन नहीं पहुंचा।
नई योजनाओं पर भी उठाए सवाल
कमलेश्वर पटेल ने आरोप लगाया कि टेक होम राशन के लिए लगाए गए प्लांटों में भ्रष्टाचार हुआ, और 500 करोड़ का गबन हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना पर भी सवाल उठाया और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की गोकुल ग्राम योजना और सांसद आदर्श ग्राम योजना के बारे में स्पष्ट नहीं होने पर नाराजगी जताई।
गौशालाओं की हालत पर चिंता
पूर्व मंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार द्वारा गौशालाओं को खत्म कर दिया गया है। अब गौ अभ्यारण्य बनाने की बातें की जा रही हैं, लेकिन किसान आवारा पशुओं से परेशान हैं।
प्रदेश की जनता पर आरोप
कमलेश्वर पटेल ने कहा कि खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री ने 5 करोड़ हितग्राहियों को अनाज बांटने की उपलब्धि बताई, लेकिन यह दर्शाता है कि सरकार ने जनता को गरीब बनाया है।













