मध्य प्रदेशसिंगरौली

सिटाडेल कर्मचारियों के वेतन का भुगतान दो माह से रुका, महापौर पर फाइल रोकने का आरोप

सिंगरौली- सिटाडेल कंपनी में कार्यरत सैकड़ों कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिल रहा है, जिसके कारण वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। कर्मचारियों ने नगर निगम महापौर, निगम अध्यक्ष और निगम आयुक्त से बार-बार मदद की गुहार लगाई है, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।

कर्मचारियों का आरोप है कि वेतन भुगतान से संबंधित फाइल को महापौर स्तर पर अब तक छह बार रोका गया है, जबकि पूरे मामले की जांच पहले ही पूरी हो चुकी है और रिपोर्ट सिटाडेल कंपनी के पक्ष में आई है। सिटाडेल के प्रबंधक रावेंद्र सिंह ने कहा कि जांच रिपोर्ट के बावजूद भुगतान क्यों रुका है, यह समझ से परे है।
इस मामले में नगर निगम द्वारा सिटाडेल कंपनी का एनसीएल और एनटीपीसी को आधिकारिक हैंडओवर न किए जाने का भी मुद्दा उठ रहा है। सूत्रों के अनुसार, हैंडओवर प्रक्रिया को जानबूझकर लटकाया जा रहा है ताकि नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े।अब सवाल यह उठ रहा है कि सिटाडेल के कर्मचारियों का वेतन क्यों रोका गया, जबकि जांच रिपोर्ट सिटाडेल के पक्ष में है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

सीटाडेल कंपनी के कर्मचारियों के वेतन का मामला इन दिनों सियासी और प्रशासनिक हलकों में गहमा-गहमी का कारण बन गया है। तीन महीने से कर्मचारियों को उनका पारिश्रमिक नहीं मिलने पर वे महापौर और नपानि अध्यक्ष के बंगले के सामने एकजुट होकर नारेबाजी करने पहुंचे। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से उनका मानदेय रोका हुआ है, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उनका आरोप है कि महापौर ने जानबूझकर वेतन भुगतान की फाइल को लटकाए रखा है, जिससे उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है।

 

कर्मचारियों के इस आंदोलन ने महापौर और नपानि अध्यक्ष के बीच मौजूदा विवाद को और तूल दे दिया है।
इस मामले में नपानि अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने कहा कि कर्मचारियों का समय पर वेतन मिलना चाहिए, और उन्होंने महापौर को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, महापौर ने अपनी सफाई में कहा कि उन्हें बेवजह बदनाम किया जा रहा है और यह मामला आयुक्त के पास है, जो जल्द ही इसे हल कर देंगे।

Author

Related Articles

Back to top button