राज्यसभा चुनाव से पहले हिमाचल कांग्रेस में घमासान, विक्रमादित्य बनाम सुक्खू कैबिनेट

शिमला। हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले सुक्खू सरकार एक बार फिर आंतरिक कलह की चपेट में आ गई है। फरवरी 2024 की राजनीतिक उथल-पुथल की यादें ताजा करते हुए कांग्रेस के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है, जिससे भाजपा को दोबारा उलटफेर की उम्मीद दिखने लगी है।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के “बाहरी राज्यों के अफसरों” पर दिए बयान के बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया। राजस्व मंत्री जगत नेगी और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने तीखे पलटवार किए। जवाब में विक्रमादित्य ने पुरानी घटनाओं का हवाला देकर हमला बोला, जिससे मामला अब ‘होली लॉज’ बनाम ‘ओक ओवर’ की सियासी जंग में बदल गया है।
गौरतलब है कि फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में भी विक्रमादित्य की नाराजगी और 6 कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग के चलते बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
वर्तमान संख्या बल
कांग्रेस: 40 विधायक (बहुमत 35)
भाजपा: 28 विधायक (7 कम)
हालात को देखते हुए भाजपा ने राज्यसभा प्रत्याशी उतारने की तैयारी तेज कर दी है और हाईकमान स्तर पर ‘ऑपरेशन लोटस-2’ को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
डैमेज कंट्रोल में कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय सिंह ने बयानबाजी पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री सुक्खू से बातचीत का भरोसा दिलाया है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी एकजुट है, लेकिन सोशल मीडिया पर दोनों गुटों के समर्थकों की जंग कांग्रेस के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।













