ब्रेकिंग न्यूज़भोपालमध्य प्रदेश

जबलपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेन लैंडिंग का एआई वीडियो बनाने वाला युवक गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर फॉलोअर बढ़ाने के लिए बनाया था फर्जी वीडियो, पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) के जबलपुर रेलवे स्टेशन पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग दिखाने वाला एआई जनरेटेड फर्जी वीडियो बनाने वाले युवक को पुलिस ने आखिरकार पकड़ लिया है। यह युवक नरसिंहपुर जिले के विक्रमपुर से रविवार 18 जनवरी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान अभी पटेल के रूप में हुई है, जो जबलपुर के महाकौशल कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र है।

दरअसल, बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें जबलपुर रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर एक यात्री विमान खड़ा दिखाई दे रहा था। वीडियो में युवक यह दावा करता नजर आया कि तकनीकी खराबी के कारण पायलट को रेलवे स्टेशन पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी है। वीडियो ने आम लोगों में भ्रम और दहशत की स्थिति पैदा कर दी थी।

एआई तकनीक से रची गई पूरी कहानी

पुलिस जांच में सामने आया कि यह वीडियो पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से तैयार किया गया था। आरोपी ने वीडियो में जबलपुर रेलवे स्टेशन, रेलवे ट्रैक पर खड़ा इंजन और उसके बगल में खड़े बड़े यात्री विमान को दिखाया। वीडियो में टक्कर जैसी स्थिति भी बनाई गई थी। आरोपी खुद वीडियो में कमेंट्री करते हुए पूरी फर्जी कहानी सुनाता नजर आया।

इसके बाद आरोपी ने 14 सेकेंड का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें वह दावा कर रहा था कि रेलवे स्टेशन पर एक अद्भुत घटना घटी है और तकनीकी खराबी के चलते विमान रेलवे ट्रैक पर उतर गया है। वीडियो में यह भी कहा गया कि पुलिस मौके पर मौजूद है और लोगों को दूर रखा जा रहा है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने लिया संज्ञान

सोशल मीडिया पर वीडियो के लगातार वायरल होने के बाद डुमना एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस मामले को गंभीरता से लिया। एयरपोर्ट डायरेक्टर आर.आर. पांडे ने डुमना पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई और सीआईएसएफ के साथ तत्काल बैठक की। उन्होंने आम जनता से अपील की कि केवल लाइक, व्यू और फॉलोअर पाने के लिए इस तरह की भ्रामक और अफवाह फैलाने वाली सामग्री सोशल मीडिया पर न डालें।

पुलिस ने युवक को पकड़कर दी चेतावनी

पुलिस ने तकनीकी जांच और सोशल मीडिया ट्रैकिंग के बाद आरोपी अभी पटेल को नरसिंहपुर जिले के विक्रमपुर से पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यह वीडियो इंस्टाग्राम पर फॉलोअर और व्यू बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया था। पुलिस ने उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 170 के तहत मामला दर्ज किया और माफीनामा लिखवाने के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया।

माफी मांगते दिखा आरोपी

पकड़े जाने के बाद आरोपी ने जबलपुर पुलिस के सामने हाथ जोड़कर और कान पकड़कर माफी मांगी। उसने कहा कि अब वह भविष्य में कभी भी इस तरह का वीडियो नहीं बनाएगा और सोशल मीडिया का गलत उपयोग नहीं करेगा। उसने आम लोगों से भी अपील की कि वे ऐसी भ्रामक सामग्री न बनाएं, जिससे जनता में भ्रम और डर का माहौल बने।

यूट्यूब से मिली थी प्रेरणा

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि करीब छह माह पहले आरोपी ने यूट्यूब पर एक वीडियो देखा था, जिसमें विदेश में एआई ऐप के जरिए विमान को प्लेटफॉर्म और इमारतों पर उतरते हुए दिखाया गया था। उस वीडियो को लाखों लोगों ने देखा था। उसी से प्रेरित होकर आरोपी ने संबंधित एआई ऐप सर्च किया और ऐसे वीडियो बनाना शुरू कर दिया।

पुलिस के अनुसार, जैसे ही आरोपी को अपनी गलती का अहसास हुआ, उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो हटाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके थे।

यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक कंटेंट के खतरे को उजागर करता है, साथ ही यह भी दर्शाता है कि एआई तकनीक का गलत उपयोग कानून व्यवस्था और आम जनता के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।

Author

Related Articles

Back to top button