बॉलीवुड से रियल एस्टेट तक: रिमी सेन की नई पारी, भारत–दुबई के सिस्टम पर खुलकर बोलीं पूर्व अभिनेत्री

दुबई/मुंबई। ‘धूम’, ‘हंगामा’ और ‘गोलमाल’ जैसी सुपरहिट फिल्मों से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाली पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री रिमी सेन अब अभिनय की दुनिया से दूर रियल एस्टेट के क्षेत्र में सक्रिय हैं। मुंबई की फिल्मी चकाचौंध छोड़ रिमी ने दुबई को अपना नया ठिकाना बनाया है, जहां वे एक पेशेवर रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर काम कर रही हैं। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने भारत और दुबई के व्यापारिक व प्रशासनिक माहौल की तुलना करते हुए कई तीखे और चर्चित बयान दिए हैं।
‘बिल्डकैप्स रियल एस्टेट’ को दिए साक्षात्कार में रिमी सेन ने बताया कि उन्होंने अपने करियर के दूसरे चरण के लिए भारत की बजाय दुबई को क्यों चुना। उनके मुताबिक, दुबई एक ऐसा शहर है जो दुनिया भर के लोगों का खुले दिल से स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि यहां की करीब 95 प्रतिशत आबादी प्रवासी होने के बावजूद अनुशासन और समावेशिता बेहद मजबूत है। रिमी ने यह भी रेखांकित किया कि दुबई में मस्जिदें और मंदिर समान रूप से मौजूद हैं और सरकार का फोकस लोगों का जीवन आसान, सुरक्षित और आरामदायक बनाने पर है।
भारतीय नीतियों पर तीखा कटाक्ष
भारत और दुबई के शासन मॉडल की तुलना करते हुए रिमी सेन ने भारतीय नीतियों पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारत में सरकारें रातों-रात नीतियां बदल देती हैं, जिससे व्यापारियों और निवेशकों के लिए स्थितियां बेहद जटिल हो जाती हैं। रिमी के अनुसार, हजारों तरह के टैक्स और अंतहीन प्रक्रियाओं के चलते भारत अब उतना ‘बिजनेस फ्रेंडली’ नहीं रह गया है, जितना होना चाहिए।
इसके उलट दुबई के रियल एस्टेट सेक्टर की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वहां पारदर्शी सिस्टम और स्पष्ट नियम हैं। डेवलपर्स, एजेंसियां और एजेंट सभी अपने-अपने दायरे में रहकर पेशेवर तरीके से काम करते हैं, जिससे बाजार सुचारू रूप से चलता है।
प्रॉपर्टी एजेंटों को लेकर सामाजिक सोच पर सवाल
रिमी सेन ने भारत में रियल एस्टेट एजेंटों के प्रति समाज के रवैये पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भारत में यदि कोई एजेंट दो महीने की ब्रोकरेज मांग ले, तो उसे ऐसे देखा जाता है मानो उसने कोई अपराध कर दिया हो। वहीं दुबई में रियल एस्टेट एजेंटों को फाइनेंशियल कंसल्टेंट्स के समान सम्मान और प्रतिष्ठा मिलती है। उनके इस बयान ने भारत के असंगठित रियल एस्टेट सेक्टर और उसमें काम करने वालों की सामाजिक स्थिति पर नई बहस छेड़ दी है।
नया लुक, नई पहचान
रिमी सेन का यह नया अवतार सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में है। वर्षों बाद सार्वजनिक रूप से सामने आईं रिमी को कई प्रशंसकों के लिए पहचानना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने स्वीकार किया है कि उन्होंने बोटॉक्स और अन्य कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट लिए हैं, जिससे उनका लुक फिल्मी दिनों की तुलना में ज्यादा परिपक्व और अलग नजर आता है।
2000 के दशक की शुरुआत में अपनी कॉमिक टाइमिंग और खूबसूरती के लिए मशहूर रहीं रिमी सेन अब साफ कर चुकी हैं कि वे केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहना चाहती थीं। फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाकर सात समंदर पार एक नए क्षेत्र में खुद को स्थापित करना उनकी निडरता और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उनके इस बयान के बाद न सिर्फ भारत के रियल एस्टेट सेक्टर, बल्कि सरकारी कार्यप्रणाली और नीतिगत स्थिरता को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।












